इंग्लैंड में चल रही टेस्ट सीरीज़ में भारत 2-1 से पीछे है, लेकिन मैनचेस्टर में खेले गए चौथे टेस्ट मैच ने टीम इंडिया की जुझारू भावना को सबके सामने रखा. खासकर ऋषभ पंत ने जिस तरह गंभीर चोट के बावजूद टीम के लिए खेलना जारी रखा, उसने पूरे देश को भावुक कर दिया है. अब जब वह सीरीज़ के अंतिम टेस्ट से बाहर हो गए हैं, तो उनका दिया गया संदेश 'देश के लिए खेलो' ड्रेसिंग रूम की दीवारों से निकलकर पूरे भारतवर्ष की भावना बन चुका है.
ओल्ड ट्रैफर्ड में भारत की पहली पारी के दौरान जब पंत बल्लेबाज़ी करने आए, तो इंग्लैंड के गेंदबाज़ क्रिस वोक्स की एक यॉर्कर उनके दाहिने पैर पर लगी. गेंद बल्ले का किनारा लेते हुए बूट पर लगी और चोट इतनी गंभीर थी कि वह मैदान छोड़ने को मजबूर हो गए. लेकिन इसके बावजूद उन्होंने अगली सुबह दोबारा बल्लेबाज़ी की और शानदार अर्धशतक पूरा किया. दर्द से जूझते हुए उनकी यह पारी सिर्फ रन नहीं थी, बल्कि देश के लिए समर्पण की मिसाल थी.
मैच के बाद बीसीसीआई की वेबसाइट पर साझा किए गए एक वीडियो में पंत ने कहा, 'मेरी तरफ से यह सिर्फ एक भाव था. जब भी देश की बात हो, तो व्यक्तिगत लक्ष्य मायने नहीं रखते. जो भी करना हो, टीम और देश के लिए करो.' उन्होंने टीम से अपील की कि वे ओवल टेस्ट में जीत हासिल कर सीरीज़ को बराबरी पर खत्म करें. उन्होंने कहा 'टीम दबाव में है, लेकिन जब पूरा देश आपके पीछे खड़ा होता है, तो वो भावना शब्दों में बयां नहीं की जा सकती.'
भारतीय टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने पंत के साहस की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा 'मैं आमतौर पर किसी एक खिलाड़ी की बात नहीं करता, लेकिन जो पंत ने किया, उससे न सिर्फ यह टीम, बल्कि अगली पीढ़ी भी प्रेरित होगी. उन्होंने सिर्फ एक पारी नहीं खेली, बल्कि एक विरासत बनाई है, जिस पर देश हमेशा गर्व करेगा.' गंभीर ने स्पष्ट किया कि पंत की यह भावना टीम इंडिया के टेस्ट सेटअप की नींव बनेगी.
ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर, जिन्होंने उसी टेस्ट में अपना पहला शतक लगाया, पंत की हिम्मत से बेहद प्रभावित दिखे. उन्होंने कहा, 'मैंने उसका पैर देखा, वो बहुत बुरी तरह सूजा हुआ था. सिर्फ चलना ही नहीं, खड़ा रहना भी मुश्किल था. लेकिन वो सिर्फ चला नहीं, टीम के लिए लड़ा भी.' सुंदर ने पंत को 'देश का बेटा' कहकर उनकी भावना को सलाम किया.
ओवल में 31 जुलाई से शुरू होने वाले आखिरी टेस्ट मैच के लिए पंत की जगह विकेटकीपर बल्लेबाज़ नारायण जगदीशन को टीम में शामिल किया गया है. अब देखना ये है कि टीम इंडिया पंत के जोश और प्रेरणा को जीत में बदल पाती है या नहीं.