नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट में सरफराज खान का नाम इन दिनों काफी चर्चा में है. मुंबई के इस बल्लेबाज ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया है लेकिन टीम इंडिया में उन्हें बार-बार नजरअंदाज किया जा रहा है.
अब पूर्व भारतीय कप्तान और दिग्गज खिलाड़ी दिलीप वेंगसरकर ने सरफराज का खुलकर साथ दिया है और चयनकर्ताओं, खासकर मुख्य चयनकर्ता अजित अगरकर पर कड़ी आलोचना की है.
सरफराज खान ने घरेलू क्रिकेट में लगातार रन बनाए हैं. उन्होंने अब तक टीम इंडिया के लिए 6 टेस्ट मैच खेले हैं, जिसमें उन्होंने 37.10 की औसत से 371 रन बनाए. इसमें एक शतक और तीन अर्धशतक शामिल हैं.
उनके डेब्यू सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ धर्मशाला टेस्ट में देवदत्त पडिक्कल के साथ महत्वपूर्ण साझेदारी ने भारत को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई थी.
हालांकि, 2024-25 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर जाने के बावजूद उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला. इसके बाद घरेलू सीरीज में वेस्टइंडीज और साउथ अफ्रीका के खिलाफ भी वे टीम से बाहर रहे.
सरफराज ने अपनी फिटनेस पर काफी मेहनत की और वजन कम किया लेकिन फिर भी चयनकर्ताओं ने उन्हें सभी फॉर्मेट में नजरअंदाज कर दिया.
दिलीप वेंगसरकर ने सरफराज की अनदेखी पर हैरानी जताई है. उन्होंने कहा कि सरफराज ने घरेलू स्तर पर और टीम इंडिया को मौका मिलने पर भी अच्छा प्रदर्शन किया है. धर्मशाला में इंग्लैंड के खिलाफ उनकी और पडिक्कल की साझेदारी ने मैच जिताया था.
वेंगसरकर ने चयन समिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने प्रतिभावान खिलाड़ी को सभी फॉर्मेट में अनदेखा करना शर्म की बात है. वे मानते हैं कि सरफराज मैच विनर हैं और सभी फॉर्मेट में खेलने के काबिल हैं.
हाल ही में चल रही विजय हजारे ट्रॉफी में सरफराज ने अपनी क्लास दिखाई है. गोवा के खिलाफ सिर्फ 75 गेंदों पर 157 रनों की विस्फोटक पारी खेली, जिसमें 14 छक्के और 9 चौके शामिल थे.
इससे मुंबई ने बड़ा स्कोर बनाया और मैच जीता. यह प्रदर्शन दिखाता है कि सरफराज सफेद गेंद क्रिकेट में भी कितने खतरनाक हो सकते हैं.