Commonwealth Table Tennis Championship के समापन समारोह में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली के खेल भविष्य को लेकर बड़ा विज़न पेश किया. उन्होंने कहा कि राजधानी को देश का सबसे बड़ा खेल केंद्र बनाने के लिए सरकार नई योजनाओं पर काम कर रही है और खिलाड़ियों को हर संभव सुविधा दी जाएगी.
त्यागराज स्टेडियम में आयोजित समापन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली अब केवल देश की राजनीतिक राजधानी नहीं, बल्कि खेलों की राजधानी बनने की दिशा में आगे बढ़ रही है. उन्होंने कहा कि सरकार खेल मैदानों, आधुनिक सुविधाओं और खिलाड़ियों के लिए बेहतर माहौल तैयार करने पर लगातार काम करेगी. मुख्यमंत्री ने कहा कि राजधानी ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर के बड़े टूर्नामेंट की सफल मेज़बानी करके अपनी क्षमता साबित की है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले समय में दिल्ली में और भी बड़े खेल आयोजन होंगे.
27 जुलाई से 2 अगस्त तक चली कॉमनवेल्थ टेबल टेनिस चैंपियनशिप में 25 देशों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया. भारत ने प्रतियोगिता में शानदार खेल दिखाते हुए लगभग सभी गोल्ड मेडल अपने नाम किए. अंकुर भट्टाचार्जी ने पुरुष सिंगल्स और यशस्वी घोरपड़े ने महिला सिंगल्स का खिताब जीता. भारतीय टीम केवल पुरुष डबल्स का गोल्ड नहीं जीत सकी. मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी मेहनत और प्रदर्शन ने पूरे देश का नाम रोशन किया है. उन्होंने खिलाड़ियों के साथ-साथ आयोजकों और सभी सहयोगियों का भी धन्यवाद किया.
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली 2027 में ISF वर्ल्ड स्कूल रेसलिंग और ISF वर्ल्ड स्कूल बैडमिंटन चैंपियनशिप की मेजबानी करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने नेशनल गेम्स और खेलो इंडिया गेम्स की मेजबानी के लिए भी आवेदन किया है. शिक्षा और खेल मंत्री आशीष सूद ने कहा कि इस प्रतियोगिता की सफलता से दिल्ली की पहचान दुनिया के बड़े खेल आयोजकों में और मजबूत हुई है.