कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का सफर अब समाप्त हो चुका है, जिसमें भारत का प्रदर्शन काफी शानदार रहा. 1 अगस्त का दिन भारत के लिए बेहद खास रहा था. जिसमें भारत ने एक ही दिन 16 मेडल्स जीतकर इतिहास रच दिया था, अब टूर्नामेंट का समापन हो चुका है जिसकी क्लोजिंग सेरेमनी 2 अगस्त की रात को हुई. इस सेरेमनी में खेलों की मेजबानी का दायित्व आधिकारिक रूप से भारत को सौंप दिया गया. अब अगला कॉमनवेल्थ गेम्स भारत की मेजबानी में 2030 में अहमदाबाद में होगा.
इस खास अवसर पर भारतीय भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष पीटी उषा और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज ग्रहण किया. समारोह में भारत की संस्कृति और विरासत की शानदार झलक भी देखने को मिली.
समापन समारोह में राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज औपचारिक परेड के साथ स्टेडियम में लाया गया. स्कॉटलैंड के प्रतिनिधियों ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत ध्वज भारत के प्रतिनिधियों को सौंपा. नीरज चोपड़ा, पीटी उषा और हर्ष संघवी ने ध्वज ग्रहण कर अहमदाबाद की मेजबानी यात्रा का आधिकारिक आगाज किया. इसके साथ ही 2030 खेलों की जिम्मेदारी स्कॉटलैंड से भारत के पास पहुंच गई.
It's Time for #Amdavad2030 🇮🇳
A historic moment for India. A proud moment for Gujarat.
As the Commonwealth Sport Flag is entrusted to India, the journey towards the Centenary Commonwealth Games 2030 officially begins.
Under the visionary leadership of Hon'ble Prime Minister… pic.twitter.com/AWLLqWuIXN— Rajendra B Bharwad (@BharwadRajendra) August 3, 2026Also Read
औपचारिक कार्यक्रम के बाद मंच पूरी तरह भारतीय रंगों में रंग गया. प्रस्तुति में भारत की सांस्कृतिक विविधता, परंपराएं और आधुनिक सोच का आकर्षक मेल दिखाई दिया. 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना को केंद्र में रखकर तैयार कार्यक्रम ने दुनिया को एकता, मित्रता और समावेश का संदेश दिया. सैकड़ों कलाकारों ने डांस और म्यूजिक के माध्यम से भारत की पहचान को जीवंत बनाया.
समारोह में भारत और स्कॉटलैंड के कलाकारों ने संयुक्त प्रस्तुति देकर सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत किया. सितार वादक ऋषभ शर्मा और स्कॉटिश संगीतकार रॉस आइंसली ने एक साथ प्रस्तुति दी. शंकर महादेवन अपने बेटों सिद्धार्थ और शिवम महादेवन के साथ मंच पर लौटे. वहीं गुजराती गायिका भूमि त्रिवेदी ने गुजरात की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया.
विशेष रूप से तैयार फिल्म के जरिए अहमदाबाद की विरासत, विकास और खेलों के प्रति उसकी तैयारी को दुनिया के सामने रखा गया. फिल्म में गुजरात की सांस्कृतिक धरोहर और आधुनिक बुनियादी ढांचे की झलक दिखाई गई. यह प्रस्तुति इस संदेश के साथ समाप्त हुई कि अहमदाबाद 2030 के राष्ट्रमंडल खेलों के शताब्दी संस्करण की सफल मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है.
समारोह के अंत में किंग चार्ल्स तृतीय की ओर से प्रिंस एडवर्ड, ड्यूक ऑफ एडिनबर्ग ने खेलों के समापन की घोषणा की. उन्होंने खिलाड़ियों, अधिकारियों और आयोजकों की सराहना करते हुए उनके योगदान को यादगार बताया. साथ ही दुनिया भर के खिलाड़ियों को 2030 में अहमदाबाद में होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के शताब्दी संस्करण में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया.