भारतीय क्रिकेट में तेजी से उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी को लेकर BCCI कोई जोखिम नहीं लेना चाहता. सिर्फ 15 साल की उम्र में टीम इंडिया के T20 सेटअप का हिस्सा बने वैभव के लिए बोर्ड ने एक बड़े नियम को तोड़ते हुए विशेष व्यवस्था की है. श्रीलंका और यूनाइटेड किंगडम के आगामी दौरों के दौरान उनके माता-पिता को भी साथ रहने का विकल्प दिया गया है. बोर्ड का मानना है कि इतनी कम उम्र में सीनियर खिलाड़ियों के बीच तालमेल बैठाने के लिए पारिवारिक सहयोग बेहद अहम होगा.
टीम इंडिया में चयन के बाद वैभव सूर्यवंशी लगातार चर्चा में हैं. क्रिकेट बोर्ड ने साफ किया है कि युवा बल्लेबाज को नए माहौल में ढलने के लिए अलग से सहयोग दिया जाएगा. इसी सोच के तहत उनके माता-पिता से विदेशी दौरों पर साथ जाने का अनुरोध किया गया है. BCCI का मानना है कि एक किशोर खिलाड़ी के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का माहौल बिल्कुल अलग होता है. ऐसे में परिवार की मौजूदगी उसे मानसिक रूप से मजबूत बनाए रख सकती है. बोर्ड यह भी चाहता है कि वैभव बिना किसी दबाव के अपने खेल पर पूरा ध्यान केंद्रित कर सकें और राष्ट्रीय टीम के माहौल को आसानी से समझ सकें.
वैभव सूर्यवंशी ने पिछले कुछ समय में अपने प्रदर्शन से सभी का ध्यान खींचा है. आईपीएल और जूनियर स्तर पर लगातार शानदार बल्लेबाजी ने उन्हें चयनकर्ताओं की पहली पसंद बना दिया. चयन समिति के अध्यक्ष अजीत अगरकर ने भी माना कि युवा बल्लेबाज ने अपने खेल से खुद को इस मौके का हकदार साबित किया है.
अगर वैभव को श्रीलंका दौरे पर खेलने का मौका मिलता है, तो वह भारत के लिए सबसे कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेलने वाले खिलाड़ियों में शामिल हो सकते हैं. क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि उनकी आक्रामक
BCCI सचिव ने स्पष्ट किया है कि यह सुविधा किसी नियम के तहत नहीं, वैभव की उम्र को देखते हुए दी जा रही है. बोर्ड चाहता है कि वह सीनियर खिलाड़ियों के बीच खुद को सहज महसूस करें और धीरे-धीरे टीम संस्कृति में ढलें. श्रीलंका दौरे के बाद इंग्लैंड यात्रा के दौरान भी उनके माता-पिता को साथ रहने का अवसर दिया जा सकता है.