बांग्लादेश क्रिकेट में उथल-पुथल, टी20 विश्व कप विवाद के बीच BCB को खिलाड़ियों ने बहिष्कार की दी धमकी
बांग्लादेश क्रिकेट में बवाल जारी है. टी20 विश्व कप विवाद के बीच बीसीबी द्वारा निदेशक की टिप्पणियों से पल्ला झाड़ने के बाद खिलाड़ियों ने बहिष्कार की धमकी दी है.
नई दिल्ली: बांग्लादेश क्रिकेट इन दिनों गंभीर उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है. टी20 विश्व कप को लेकर पहले से चल रहे विवाद के बीच बोर्ड के एक वरिष्ठ निदेशक की टिप्पणियों ने आग में घी डाल दिया है. इन बयानों को खिलाड़ियों ने अपमानजनक बताया, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया.
हालात इतने बिगड़ गए कि खिलाड़ियों ने घरेलू टूर्नामेंट के मैचों के बहिष्कार की चेतावनी दे दी. इस विवाद का असर केवल मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय टीम की टी20 विश्व कप में भागीदारी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं.
निदेशक की टिप्पणी से भड़का विवाद
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब बीसीबी के निदेशक नजमुल इस्लाम ने कुछ राष्ट्रीय खिलाड़ियों की प्रतिबद्धता और प्रदर्शन पर सवाल खड़े किए. उनके बयान को खिलाड़ियों और पूर्व क्रिकेटरों ने अपमानजनक माना. सोशल मीडिया पर भी इन टिप्पणियों की कड़ी आलोचना हुई, जिससे मामला और तूल पकड़ गया. खिलाड़ियों का कहना है कि सार्वजनिक मंच पर इस तरह की टिप्पणियां उनके आत्मसम्मान और मनोबल को नुकसान पहुंचाती हैं.
बीसीबी ने बनाई दूरी
बढ़ते दबाव के बीच बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आधिकारिक बयान जारी कर निदेशक की टिप्पणियों से खुद को अलग कर लिया. बोर्ड ने स्पष्ट किया कि अधिकृत प्रवक्ता के अलावा किसी भी व्यक्ति के बयान को बोर्ड का रुख नहीं माना जाएगा. साथ ही यह भी कहा गया कि अगर किसी की टिप्पणी से क्रिकेट की छवि को नुकसान पहुंचता है तो उस पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
खिलाड़ियों की बहिष्कार की चेतावनी
बयान के बावजूद खिलाड़ियों का गुस्सा शांत नहीं हुआ. खबरों के मुताबिक, खिलाड़ियों ने बांग्लादेश प्रीमियर लीग के मैचों के बहिष्कार की धमकी दी. उनका कहना है कि जब तक बोर्ड खुलकर खिलाड़ियों के सम्मान और सुरक्षा के पक्ष में नहीं आता, तब तक वे मैदान पर उतरने को तैयार नहीं हैं. यह स्थिति घरेलू क्रिकेट के भविष्य पर भी असर डाल सकती है.
टी20 विश्व कप पर मंडराता संकट
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है, जब बांग्लादेश की टी20 विश्व कप में भागीदारी पहले ही अनिश्चित बनी हुई है. सुरक्षा कारणों और कुछ खिलाड़ियों से जुड़े फैसलों को लेकर बोर्ड और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के बीच मतभेद चल रहे हैं. इस तनाव का सीधा असर टीम की तैयारियों और रणनीति पर पड़ सकता है.
पूर्व खिलाड़ियों की नाराजगी
पूर्व क्रिकेटरों और खिलाड़ी संगठनों ने भी इस पूरे मामले पर नाराजगी जताई है. उनका मानना है कि प्रशासनिक मतभेदों का समाधान आंतरिक रूप से होना चाहिए. सार्वजनिक बयानबाजी से न सिर्फ खिलाड़ियों का मनोबल गिरता है, बल्कि बांग्लादेश क्रिकेट की अंतरराष्ट्रीय छवि भी प्रभावित होती है.