ऐतिहासिक जीत! भारत ने पहली बार आर्चरी में जीता गोल्ड, महिला टीम ने मचाया धमाल

Asian Games 2026: भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने शुक्रवार को एशियन गेम्स में इतिहास रच दिया. अंकिता भक्त, कीर्ति और कुमकुम मोहम्मद की टीम ने फाइनल में मजबूत दक्षिण कोरियाई टीम को 5-3 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया.

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Shilpa Srivastava

Asian Games 2026: भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने एशियन गेम्स 2026 में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है. अंकिता भाकट, कीर्ति शर्मा और कुमकुम अनिल मोहोड़ की भारतीय टीम ने शुक्रवार को फाइनल में मजबूत दक्षिण कोरिया को 5-3 से हराकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया. यह इस स्पर्धा में भारत का पहला एशियन गेम्स गोल्ड है.

फाइनल से पहले भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में चीन को 5-1 से हराया था. इस जीत के साथ भारत पहली बार एशियन गेम्स के महिला रिकर्व टीम इवेंट के फाइनल में पहुंचा. इससे पहले इस स्पर्धा में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 2010 में ब्रॉन्ज मेडल था.

फाइनल में कोरिया को दी कड़ी टक्कर:

फाइनल में भारत के सामने दक्षिण कोरिया की मजबूत टीम थी. कोरिया ने इस स्पर्धा में लगातार सात एशियन गेम्स में गोल्ड जीता था. लेकिन भारतीय तीरंदाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा. पहले दो सेट बराबरी पर खत्म हुए और मुकाबला 2-2 के सेट स्कोर पर था. तीसरे सेट में भारत ने शानदार प्रदर्शन किया और 55-51 से सेट अपने नाम कर लिया. इससे भारत को 4-2 की बढ़त मिल गई. अब टीम को गोल्ड जीतने के लिए केवल एक और सेट प्वाइंट की जरूरत थी.


आखिरी सेट में हुआ रोमांचक फैसला:

चौथे सेट में दोनों टीमों ने 54-54 अंक बनाए. भारतीय टीम की ओर से निर्णायक क्षण में शानदार तीरंदाजी हुई और सेट बराबर रहने के बावजूद भारत ने मुकाबला 5-3 से जीत लिया. इसके साथ ही भारतीय महिला रिकर्व टीम ने गोल्ड मेडल अपने नाम कर इतिहास रच दिया.

32 साल बाद कोरिया को मिली हार:

इस जीत की खास बात यह भी है कि एशियन गेम्स के महिला टीम रिकर्व इवेंट में दक्षिण कोरिया को लंबे समय बाद हार का सामना करना पड़ा. कोरिया 1998 से 2022 तक लगातार इस स्पर्धा में चैंपियन रहा था. 2026 में भारत ने उसकी लगातार जीत का सिलसिला रोक दिया. भारतीय टीम की यह जीत देश के तीरंदाजी इतिहास में एक बड़ा अध्याय जोड़ती है. अंकिता भाकट, कीर्ति और कुमकुम मोहोड़ की तिकड़ी ने दबाव के बीच शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक दिलाया.