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India Daily

FIFA World Cup 2026 के लिए अमेरिका पहुंची ईरानी टीम, कप्तान मेहदी तारेमी ने जताई चिंता; न्यूजीलैंड के खिलाफ होगी पहली भिड़ंत

ईरानी टीम रविवार, 15 जून को लॉस एंजिल्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ फीफा विश्व कप 2026 के अपने उद्घाटन मैच से पहले अमेरिका पहुंची. ये टीम अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बनने के ठीक बाद अमेरिकी धरती पर पहुंची.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
FIFA World Cup 2026 के लिए अमेरिका पहुंची ईरानी टीम, कप्तान मेहदी तारेमी ने जताई चिंता; न्यूजीलैंड के खिलाफ होगी पहली भिड़ंत
Courtesy: Pinterest

ईरानी टीम रविवार, 15 जून को लॉस एंजिल्स में न्यूजीलैंड के खिलाफ फीफा विश्व कप 2026 के अपने उद्घाटन मैच से पहले अमेरिका पहुंची. ये टीम अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर सहमति बनने के ठीक बाद अमेरिकी धरती पर पहुंची. इसके बावजूद टीम को वीजा और प्रशिक्षण शिविर जैसी कई बाधाओं का सामना करना पड़ा.

अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित फीफा विश्व कप, राजनीति और दबाव के कारण ईरान के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है. 

कप्तान तारेमी ने बताया तनाव का कारण

ईरान के स्टार खिलाड़ी और कप्तान मेहदी तारेमी ने कहा कि विश्व कप के लिए रवाना होने के शुरुआती पलों से ही उन्हें तनाव महसूस हो रहा था. उन्होंने कहा कि, 'विश्व कप में पहुंचने के पहले ही क्षण से मैंने तनाव महसूस किया है.'

वीजा विवाद और बदला गया प्रशिक्षण शिविर

ईरानी कप्तान ने आगे कहा कि, 'किसी भी टूर्नामेंट में जब तनाव होता है, तो हमें वह सुखद अनुभव नहीं मिलता जिसके बारे में हम हमेशा शांति और खुशी से बात करते हैं... मुझे पता है कि यह सिर्फ हमारे साथ ही नहीं हुआ. मुझे पता है कि कई देशों को वीजा संबंधी समस्याओं और प्रशिक्षण शिविरों में बदलाव का सामना करना पड़ा. हमारे आने से पहले, लोगों में हमेशा जो उत्साह और रोमांच होता है, जिस तरह से वे विश्व कप का इंतजार करते हैं, मुझे लगता है कि इस बार शायद उनमें वह उत्साह नहीं रहा.'

प्रदर्शनकारियों से हुआ सामना

अमेरिका पहुंचने के बाद टीम को एक और चुनौती का सामना करना पड़ा. लॉस एंजिल्स में अभ्यास के दौरान कुछ सरकार विरोधी प्रदर्शनकारी स्टेडियम के बाहर दिखाई दिए. उन्होंने बैनरों के माध्यम से ईरानी शासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया. माना जा रहा है कि टूर्नामेंट के दौरान ऐसे दृश्य आगे भी देखने को मिल सकते हैं.

राजनीति से दूरी बनाना चाहती है टीम

तारेमी ने स्पष्ट किया कि टीम का उद्देश्य केवल फुटबॉल खेलना और दुनिया भर के ईरानियों को खुशी देना है. उन्होंने कहा कि खिलाड़ी राजनीति से दूर रहकर खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं और सभी ईरानी नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने के लिए मैदान में उतरेंगे.

न्यूजीलैंड के खिलाफ होगी शुरुआत

ईरान अपना पहला मुकाबला न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगा. राजनीतिक और सामाजिक चुनौतियों के बीच टीम की कोशिश होगी कि वह मैदान पर शानदार प्रदर्शन कर विश्व कप अभियान की सकारात्मक शुरुआत करे. फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ईरानी खिलाड़ी इन दबावों को पीछे छोड़कर खेल पर कितना फोकस कर पाते हैं.