menu-icon
India Daily

2015 वर्ल्ड कप में इतिहास रचने वाले अफगान क्रिकेटर का निधन, 38 साल की उम्र में नोएडा के अस्पताल में तोड़ा दम

अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का 38 वर्ष की उम्र में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया.

Ashutosh
Edited By: Ashutosh Rai
2015 वर्ल्ड कप में इतिहास रचने वाले अफगान क्रिकेटर का निधन, 38 साल की उम्र में नोएडा के अस्पताल में तोड़ा दम
Courtesy: X

अफगानिस्तान क्रिकेट के शुरुआती दौर के अहम खिलाड़ियों में शामिल पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान अब इस दुनिया में नहीं रहे. लंबे समय से गंभीर बीमारी से जूझ रहे जादरान ने नोएडा के एक अस्पताल में अंतिम सांस ली. उनके निधन पर अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड सहित कई खिलाड़ियों ने दुख जताया है.

अफगान क्रिकेट ने खोया अपना अहम खिलाड़ी

अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान का सोमवार रात 38 वर्ष की उम्र में निधन हो गया. वह पिछले कुछ समय से हेमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस नाम की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे और नोएडा के यथार्थ अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. अस्पताल में रात करीब 10 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली. उनके निधन की जानकारी अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने आधिकारिक रूप से साझा की. बोर्ड ने कहा कि शापूर उन खिलाड़ियों में शामिल थे जिन्होंने कठिन दौर में अफगानिस्तान क्रिकेट को मजबूत बनाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.

करियर में कई यादगार पल दिए

शापूर जादरान ने वर्ष 2009 में अफगानिस्तान के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा और करीब एक दशक तक टीम का हिस्सा रहे. उन्होंने 44 वनडे मुकाबलों में 43 विकेट हासिल किए. वहीं 36 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 37 बल्लेबाजों को आउट किया. उनके करियर का सबसे यादगार पल 2015 वनडे विश्व कप में आया, जब उन्होंने स्कॉटलैंड के खिलाफ विजयी रन बनाकर अफगानिस्तान को ऐतिहासिक जीत दिलाई थी. उनकी तेज गेंदबाजी और मैदान पर जुझारू रवैये ने उन्हें टीम का भरोसेमंद खिलाड़ी बनाया. उनके प्रदर्शन ने कई युवा खिलाड़ियों को क्रिकेट अपनाने के लिए प्रेरित किया.

क्रिकेट जगत में शोक

डॉक्टरों के अनुसार HLH एक दुर्लभ और गंभीर बीमारी है, जिसमें शरीर का इम्यून सिस्टम असामान्य रूप से सक्रिय होकर स्वस्थ कोशिकाओं पर ही हमला करने लगता है.  इसी बीमारी के कारण शापूर की तबीयत लगातार बिगड़ती गई. अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा. बोर्ड ने यह भी कहा कि शापूर सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि अफगान क्रिकेट की नई पहचान बनाने वाले चेहरों में शामिल थे. क्रिकेट जगत के कई खिलाड़ियों और प्रशंसकों ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की है.