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दामाद की नाक क्यों पकड़ती हैं सासू मां, अनंत अंबानी के साथ राधिका की मां ने ये क्या कर दिया?

एशिया के सबसे बड़े बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत की शादी में उनकी सासू मां ने नाक पकड़ने की रस्म अदा की जिसके बाद से अब हर कोई जानना चाहता है कि आखिर इसका महत्व क्या होता है. तो चलिए आज हम आपको बताते हैं. क्यों पकड़ी जाती है दामाद की नाक, क्यों हर शादी में जरूरी होती है ये रस्म

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दामाद की नाक क्यों पकड़ती हैं सासू मां, अनंत अंबानी के साथ राधिका की मां ने ये क्या कर दिया?
Courtesy: Social Media

भारत की शादियों में बहुत तरह की रस्में रिवाज निभाई जाती है. हर जगह अपनी संस्कृति और सभ्यता को लोग शादियों में बिलकुल भी स्किप नहीं करना चाहते हैं लेकिन यह समझना बहुत जरूरी है कि धूम-धड़ाके और मस्ती मजाक के भरी रस्में सिर्फ शादी को मजेदार बनाने के लिए नहीं बल्कि इसकी गंभीरता और गहराईयों को आसानी से समझाने के लिए किए जाते हैं. ऐसे ही एक रस्म नथ उतारने की, जिसमें मंडप में जाने से पहले दूल्हे को अपनी सास से नाक खिंचवानी पड़ती है.
 

शादी के वेन्यू में इंटर करने से पहले दुल्हन की मां, बहन या भाभी एंट्रेंस पर भी दूल्हे की आरती करती है. फिर उसके नाक बड़े ही प्यार से खींचा जाता है. इस रस्म को नथ उतारना और पोंखना भी कहते हैं. यह रस्म मजेदार तब बन जाता है, जब दूल्हा आसानी से अपना नाक पकड़ने नहीं देता है. कई जगह पर इस रस्म में दूल्हे को नथ और शगुन में पैसे भी दिए जाते हैं.

सासू मां ने क्यों पकड़ी दामाद अनंत की नाक

अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट हमेशा के लिए एक दूसरे के लिए हो चुके हैं. 12 जुलाई को मुंबई के जियो वर्ल्ड सेंटर में दोनों ने शादी के सात फेरे लिए. इस विवाह में गुजरात की कुछ खास रस्में भी देखने को मिलीं. एक रस्म में तो राधिका मर्चेंट की मां शैला मर्चेंट ने अपने दामाद अनंत अंबानी की नाक पकड़ने की रस्म की.

पोंख्वू या पोंख्वानू क्या होता है?

गुजरात में दूल्हे की नाक पकड़ने के इस रिवाज को पोंख्वू या पोंख्वानू कहा जाता है. यह रिवाज दूल्हे के मंडप में प्रवेश करने से पहले होता है. यह रस्म तब और भी मजेदार हो जाती है. जब दूल्हा या उसके रिश्तेदार नाक को आसानी से नहीं पकड़ने देते हैं, जैसा कि आकाश अंबानी ने भी किया है.

नाक पकड़ने की रस्म क्यों होती है?

इस रस्म का एक बहुत गहरा महत्व होता है. इस रस्म के माध्यम से दूल्हे को यह बात समझाई जाती है कि अब वह उनके परिवार का हिस्सा हो गया है. ऐसे में यदि उसने कोई भी गलती की तो उसे इस घर के बेटों की तरह ही डांट और गुस्सा का सामना करना पड़ेगा.