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फैटी लिवर की बीमारी से बचाता है यह चमत्कारी विटामिन, फ्लोरिडा के डॉक्टर का दावा

विटामिन ई एक ऐसा एंटीऑक्सीडेंट है जो लिवर और आंत के स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और फैटी लिवर रोग के जोखिम को कम करता है. डॉक्टर प्राकृतिक खाद्य स्रोतों से विटामिन ई लेने की सलाह देते हैं.

Gemini AI
Kanhaiya Kumar Jha

नई दिल्ली: हम जो रोजाना खाते हैं, उसका हमारे लंबे समय तक चलने वाले स्वास्थ्य पर बहुत बड़ा असर पड़ता है. कई बार बहुत छोटी मात्रा में जरूरी पोषक तत्व भी हमारे शरीर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. इन्हीं पोषक तत्वों में से एक है विटामिन E, जो कम मात्रा में चाहिए होता है, लेकिन शरीर को कई तरह की बीमारियों से बचाने में मदद करता है.

फ्लोरिडा के गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट और स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. जोसेफ सलहब ने हाल ही में बताया कि विटामिन ई आंत और यकृत (लिवर) के लिए कितना फायदेमंद है. वह बताते हैं कि यह विटामिन न केवल लिवर के स्वास्थ्य को सपोर्ट करता है, बल्कि फैटी लिवर रोग से बचाने में भी मदद कर सकता है. उन्होंने 15 नवंबर को अपने इंस्टाग्राम वीडियो में यह समझाया कि विटामिन ई कैसे काम करता है, इसे किस रूप में लेना बेहतर है, और कौन से खाद्य पदार्थ इसके सबसे अच्छे स्रोत हैं.

विटामिन ई क्यों जरूरी है?

डॉ. सलहब के अनुसार, रिसर्च में पाया गया है कि जिन लोगों की डाइट में विटामिन ई की पर्याप्त मात्रा होती है, उनमें कई तरह की आंत से जुड़ी समस्याएं और फैटी लिवर रोग कम देखने को मिलता है. इसका कारण यह है कि विटामिन ई एक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट है, जो लिवर को ऑक्सीडेटिव तनाव यानी कोशिकाओं को होने वाली क्षति से बचाता है. यह लिवर को ठीक करने में मदद करता है और शरीर की प्रतिरक्षा शक्ति को भी बढ़ाता है.

वे यह भी बताते हैं कि आने वाले समय में फैटी लिवर दुनिया भर में लिवर की बीमारियों का सबसे बड़ा कारण बन सकता है, और लिवर प्रत्यारोपण (ट्रांसप्लांट) की सबसे ज्यादा जरूरत इसी बीमारी के कारण पड़ेगी. इसलिए, ऐसा आहार जिसमें विटामिन ई से भरपूर भोजन शामिल हो, बेहद महत्वपूर्ण है.

आहार बनाम सप्लीमेंट्स

डॉ. सलहब की सलाह है कि लोग विटामिन ई को खाद्य पदार्थों से प्राप्त करें, न कि सप्लीमेंट्स से. सप्लीमेंट तभी लें जब डॉक्टर इसे खास तौर पर सुझाएँ. उनका कहना है कि गलत तरीके से सप्लीमेंट लेने पर इसके गंभीर दुष्प्रभाव हो सकते हैं. इसलिए संतुलित और प्राकृतिक आहार ही सबसे सुरक्षित विकल्प है.

विटामिन ई से भरपूर खाद्य पदार्थ

डॉ. सलहब के अनुसार, यदि आप रोजाना करीब 15 mg विटामिन ई प्राकृतिक भोजन से प्राप्त कर लें, तो यह आपके लिवर को बचाने और उसकी डिटॉक्स प्रक्रिया को मजबूत करने में काफी मदद करेगा. विटामिन ई के बेहतरीन स्रोत हैं:

मेवे और बीज: बादाम, हेजलनट, मूंगफली, सूरजमुखी के बीज, कद्दू के बीज, पाइन नट्स

तेल: जैतून का तेल

हरी सब्जियां: पालक, स्विस चार्ड, केल, कोलार्ड ग्रीन्स, सरसों का साग

फल: एवोकाडो, कीवी, आम, ब्लैकबेरी, पपीता, लाल शिमला मिर्च

मछली: सैल्मन, ट्राउट

कुल मिलाकर, विटामिन ई से भरपूर आहार अपनाने से लिवर की सुरक्षा, आंत का स्वास्थ्य और संपूर्ण प्रतिरक्षा प्रणाली मजबूत हो सकती है.