शालीमार बाग में चला दिल्ली सरकार का बुलडोजर, 143 अवैध निर्माण को ढहाने का काम शुरू
दिल्ली सरकार ने शालीमार बाग के हैदरपुर गांव में 143 अवैध पक्के निर्माण ढहाने शुरू कर दिए हैं. यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सड़क चौड़ीकरण के लिए की जा रही है.
रविवार को दिल्ली सरकार ने शालीमार बाग के हैदरपुर गांव में एक बड़ा अभियान चलाया. यह कार्रवाई उन अवैध निर्माणों के खिलाफ है जो सार्वजनिक रास्ते पर बने हैं. सेंट्रल-नॉर्थ जिले के डीएम एस.एस. परिहार ने बताया कि यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर यह कार्रवाई की जा रही है. 10 जनवरी 2026 की संयुक्त सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, 30 मीटर चौड़ाई वाले इस रास्ते में 143 पक्के अवैध निर्माण मिले हैं. यह सड़क शालीमार बाग रेलवे अंडर ब्रिज को बाहरी रिंग रोड से जोड़ती है.
सड़क चौड़ीकरण के लिए जरूरी कार्रवाई
डीएम परिहार ने बताया कि यह भूमि सरकारी है और डीडीए के मास्टर प्लान में इसे सार्वजनिक सड़क का हिस्सा बताया गया है. फिलहाल सड़क की चौड़ाई मात्र 19.5 मीटर रह गई है, जबकि करीब 10.5 मीटर हिस्सा अतिक्रमण से अवरुद्ध है. इससे रोज़ाना भारी जाम लगता है, एम्बुलेंस और फायर ब्रिगेड गाड़ियों को आवाजाही में मुश्किल होती है. प्रशासन का कहना है कि जनहित और कम से कम लोगों को विस्थापित करने के सिद्धांत पर चलते हुए अभी केवल 10.5 मीटर जरूरी हिस्से में ही कार्रवाई की जा रही है.
40 साल पहले ही पूरी हो चुकी थी भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया
डीएम के अनुसार, इस भूमि का अधिग्रहण साल 1959 और 1961 में नोटिफिकेशन जारी कर शुरू हुआ था. 1966 में अधिग्रहण घोषणा हुई और 1980 में अवार्ड नंबर 40 और 50 जारी किए गए. जुलाई 1980 में जमीन का कब्जा ले लिया गया था और मुआवज़ा भी चुका दिया गया था. यानी कानूनी प्रक्रिया चार दशक पहले ही पूरी हो चुकी थी फिर भी लोगों ने अवैध कब्जा जारी रखा.
हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की याचिकाएं
जनवरी 2026 में सार्वजनिक नोटिस जारी कर आपत्तियां मांगी गईं. 20 मार्च 2026 को भूमि अधिग्रहण अधिकारी ने आदेश पारित किया. कुछ निवासियों ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर अधिग्रहण को समाप्त करार देने की मांग की. 6 अप्रैल 2026 को हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी और कहा कि अधिग्रहण वैध है. इसके बाद 29 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने भी अतिक्रमण हटाने की मंजूरी दे दी.
अभियान जारी रहेगा, सड़क जल्द होगी चौड़ी
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यह अभियान तब तक चलेगा जब तक सभी 143 अवैध निर्माण न हटा लिए जाएं. यह सड़क अज़ादपुर, रिंग रोड और आसपास के बड़े अस्पतालों, सरकारी दफ्तरों को जोड़ती है. डीएम ने बताया कि टोटल स्टेशन मेथड से जो वैज्ञानिक सर्वे किया गया उसमें ये नतीजे निकले हैं. अब उम्मीद है कि जल्द ही यह रास्ता चौड़ा होगा और लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी.