नई दिल्ली: घर में तुलसी का पौधा लगाना चाहते हैं तो नर्सरी से लाते समय सावधानी बरतनी जरूरी है. अक्सर लोग देखते हैं कि पौधा घर पहुंचते ही पत्तियां मुरझा जाती हैं या सूखने लगता है. यह समस्या आम है क्योंकि पौधा नर्सरी के वातावरण से अचानक आपके घर के माहौल में आ जाता है. अगर सही तरीका अपनाया जाए तो तुलसी आसानी से हरी-भरी रह सकती है. पूजा के साथ-साथ इसके औषधीय फायदे भी बरकरार रहेंगे.
नर्सरी से पौधा लाने के बाद उसे तुरंत नए गमले में न लगाएं. पहले एक-दो दिन घर के वातावरण में रखें और पत्तियों पर हल्का पानी छिड़कें. अचानक मिट्टी बदलने से जड़ें दबाव में आ जाती हैं और पौधा सूखने लगता है. धीरे-धीरे सेट होने दें.
तुलसी के लिए 6 से 8 इंच का गमला चुनें जिसमें नीचे पानी निकलने के छेद हों. मिट्टी का मिश्रण बनाएं – 60 प्रतिशत गार्डन सॉइल, 20 प्रतिशत कोकोपीट और 20 प्रतिशत वर्मीकंपोस्ट. कोकोपीट नमी बनाए रखता है जबकि वर्मीकंपोस्ट पोषण देता है.
गमले में पहले 3-4 इंच मिट्टी डालें, पौधे को बीच में रखकर चारों तरफ मिट्टी भरें. हल्के हाथों से दबाएं ताकि हवा के बुलबुले न रहें. गमले के ऊपर 2 इंच जगह खाली छोड़ दें ताकि पानी और खाद डालने में आसानी हो.
पौधा लगाने के तुरंत बाद आधा चम्मच एप्सम सॉल्ट और आधा चम्मच ह्यूमिक एसिड डालें. एप्सम सॉल्ट रिपॉटिंग शॉक से बचाता है और पत्तियां हरी रखता है. ह्यूमिक एसिड जड़ों को मजबूत बनाता है. इसे हर महीने सिर्फ एक बार इस्तेमाल करें.
लगाने के बाद अच्छी तरह पानी दें. शुरुआत में सेमी-शेड वाली जगह रखें जहां तेज धूप न पड़ती हो. पानी तभी दें जब ऊपरी मिट्टी सूखी दिखे. ज्यादा पानी से जड़ें सड़ सकती हैं.
अगर पौधे पर काले कीड़े लग जाएं तो आधा चम्मच हल्दी और थोड़ा डिशवॉश लिक्विड पानी में मिलाकर स्प्रे करें. हल्दी एंटी-बैक्टीरियल है और कीड़ों को दूर भगाती है. स्प्रे के बाद 24 घंटे सादा पानी न डालें.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.