नई दिल्ली: आज के समय में लोग सफर के दौरान आराम और सुविधा दोनों चाहते हैं. फ्लाइट के मुकाबले ट्रेन यात्रा ज्यादा सुकून भरी मानी जाती है, खासकर तब जब सफर लंबा हो और बजट सीमित हो. कई लोग कहते हैं कि सफर का मजा ट्रेन में ही आता है.
भारत का रेलवे नेटवर्क दुनिया के सबसे बड़े नेटवर्क में से एक है. यही वजह है कि कई पर्यटन स्थल ट्रेन से आसानी से पहुंच में आ जाते हैं और वहां लोकल ट्रांसपोर्ट भी आसानी से मिल जाता है.
ट्रेन-फ्रेंडली डेस्टिनेशन का मतलब सिर्फ स्टेशन तक पहुंचना नहीं होता. ऐसी जगहों पर स्टेशन से होटल, टूरिस्ट स्पॉट और लोकल बाजार तक जाना बेहद आसान होता है. टैक्सी, ऑटो और लोकल बस की अच्छी सुविधा यात्रियों का समय और पैसा दोनों बचाती है. यही कारण है कि परिवार और सोलो ट्रैवलर्स दोनों ट्रेन से जुड़ी जगहों को प्राथमिकता देने लगे हैं.
वाराणसी देश के सबसे अच्छे रेलवे कनेक्टेड शहरों में गिना जाता है. यहां देश के लगभग हर बड़े शहर से सीधी ट्रेन मिल जाती है. स्टेशन से घाट, मंदिर और बाजार पास में ही हैं. गंगा आरती, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और पुराने शहर की गलियां ट्रेन से आने वाले यात्रियों के लिए बेहद सुविधाजनक अनुभव देती हैं.
जयपुर रेलवे स्टेशन शहर के बीचोंबीच स्थित है. यहां से हवा महल, सिटी पैलेस और जंतर मंतर जैसी जगहों तक पहुंचना आसान है. दिल्ली और आसपास के राज्यों से जयपुर के लिए लगातार ट्रेनें चलती हैं. लोकल ऑटो और कैब से पूरा शहर आसानी से कवर किया जा सकता है.
अमृतसर भी ट्रेन-फ्रेंडली डेस्टिनेशन के तौर पर जाना जाता है. गोल्डन टेंपल रेलवे स्टेशन से कुछ ही दूरी पर स्थित है. वाघा बॉर्डर और जलियांवाला बाग जैसी जगहों तक लोकल ट्रांसपोर्ट आसानी से मिल जाता है. कम दूरी और सीधी कनेक्टिविटी इसे आरामदायक ट्रैवल डेस्टिनेशन बनाती है.
ट्रेन यात्रा में सामान की चिंता कम होती है और सफर ज्यादा सुरक्षित लगता है. स्टेशन से बाहर निकलते ही लोकल सुविधा मिलने से समय की बचत होती है. यही वजह है कि ट्रेन-फ्रेंडली डेस्टिनेशन नए और अनुभवी यात्रियों दोनों के लिए समझदारी भरा विकल्प माने जाते हैं.