Thailand Tourism: थाईलैंड क्यों खो रहा है अपना जादू? कम खर्चीला होने के बावजूद भी विदेशी पर्यटक क्यों मोड़ रहे मुंह?

Thailand Tourism: थाईलैंड, जिसे कभी एशिया का सबसे पॉपुलर पर्यटन स्थल माना जाता था, अब पर्यटकों की संख्या में गिरावट का सामना कर रहा है. 2025 में जनवरी से सितंबर तक विदेशी आगंतुकों की संख्या में 7.44% की कमी दर्ज की गई है. सुरक्षा चिंताएं, महंगाई, और क्षेत्रीय प्रतिस्पर्धा इसके बड़े कारण माने जा रहे हैं.

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Babli Rautela

Thailand Tourism: थाईलैंड के पर्यटन मंत्रालय ने ताजा आंकड़े जारी करते हुए बताया कि जनवरी से 21 सितंबर 2025 तक कुल 2.34 करोड़ विदेशी पर्यटक देश में आए. यह संख्या पिछले साल की तुलना में 7.44% कम है. 2024 की इसी अवधि में यह आंकड़ा करीब 2.5 करोड़ था. मलेशिया और चीन अब भी थाईलैंड के सबसे बड़े स्रोत बाजार बने हुए हैं, लेकिन इनसे होने वाली वृद्धि धीमी पड़ी है.

इस गिरावट को देखते हुए थाईलैंड की राज्य योजना एजेंसी ने पूरे साल के पर्यटक आगमन का अनुमान घटाकर 3.3 करोड़ कर दिया है. पहले यह लक्ष्य 3.7 करोड़ था, जो महामारी से पहले 2019 में आए लगभग 4 करोड़ पर्यटकों के करीब माना जा रहा था.

चीन की वापसी उम्मीद से धीमी

कभी थाईलैंड की पर्यटन अर्थव्यवस्था का सबसे बड़ा सहारा रहे चीनी पर्यटकों की संख्या इस साल उम्मीद से कम रही है. एक्सपर्ट का मानना है कि सुरक्षा संबंधी चिंताएं, ऑनलाइन वायरल घोटाले और जापान व सिंगापुर जैसे देशों की ‘सुरक्षित’ छवि ने चीनी यात्रियों का ध्यान भटका दिया है. हालांकि चीन से आने वाले पर्यटकों की संख्या बड़ी है, लेकिन उनका प्रवास छोटा और खर्च भी सीमित है.

वियतनाम और जापान जैसे पड़ोसी देशों ने थाईलैंड से पर्यटकों को खींचने में बढ़त बनाई है. वियतनाम सस्ती कीमतों और नई जगहों के कारण आकर्षण का केंद्र बना है. जापान और सिंगापुर अपनी सुरक्षा और आधुनिकता के कारण पॉपुलर हो रहे हैं. यह प्रतिस्पर्धा थाईलैंड की स्थिति को और कमजोर कर रही है.

बढ़ती कीमतें बन रहीं बोझ

थाईलैंड लंबे समय से किफायती पर्यटन स्थल के रूप में पहचाना जाता था. लेकिन अब यह छवि दबाव में है. खाने-पीने और होटलों की बढ़ती कीमतों ने यात्रियों को महसूस कराया है कि अब उन्हें यहाँ पहले जैसा 'वैल्यू फॉर मनी' नहीं मिल रहा. यानी यात्रियों के लिए थाईलैंड की यात्रा पहले जितनी सस्ती और सुविधाजनक नहीं रही.

थाईलैंड की नकारात्मक खबरें भी पर्यटकों को रोक रही हैं. ऑनलाइन 'थाईलैंड घोटाले' सर्च करने पर यात्रियों को रत्न घोटाले से लेकर टुक-टुक घोटालों तक की कहानियां आसानी से मिल जाती हैं. ये घटनाएं भले ही छिटपुट हों, लेकिन उनकी धारणा यात्रियों में असुरक्षा की भावना पैदा करती है.