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डायनासोर के चमड़े से तैयार किया गया लग्जरी हैंडबैग, नीलामी के लिए तैयार; यहां जानिए इसकी खासियत

वैज्ञानिकों और डिजाइनरों ने टी.रेक्स के जीवाश्म से प्राप्त प्रोटीन के आधार पर लैब में विकसित चमड़े से एक अनोखा लग्जरी बैग तैयार किया है. यह टील रंग का बैग फिलहाल एम्सटर्डम के आर्ट जू म्यूजियम में प्रदर्शित है.

@MarkEJFairbairn
Reepu Kumari

नई दिल्ली: कल्पना कीजिए, लाखों साल पुराने डायनासोर के प्रोटीन से बना एक स्टाइलिश लग्जरी बैग. वैज्ञानिकों ने ऐसा ही कर दिखाया है. Tyrannosaurus rex के फोसिल से निकाले गए कोलेजन फ्रैगमेंट्स का इस्तेमाल करके लैब में चमड़ा विकसित किया गया है. यह बैग अभी एम्सटर्डम के आर्ट जू म्यूजियम में रखा हुआ है, जहां इसे टी-रेक्स की बड़ी प्रतिकृति के नीचे प्रदर्शित किया जा रहा है. प्रदर्शनी 11 मई तक चलेगी और फिर यह अनोखा बैग नीलामी में जाएगा. इसकी शुरुआती बोली आधा मिलियन डॉलर से ज्यादा बताई जा रही है. 

बैग कैसे तैयार किया गया

टीम ने टी.रेक्स के जीवाश्म से प्रोटीन के छोटे-छोटे टुकड़े निकाले. ये टुकड़े अधूरे थे, इसलिए वैज्ञानिकों ने जेनेटिक इंजीनियरिंग और कंप्यूटेशनल बायोलॉजी की मदद से गैप्स को भरकर पूरा कोलेजन ब्लूप्रिंट तैयार किया. इस सिंथेसाइज्ड डीएनए को एक अनजान जानवर की कोशिकाओं में डालकर नया कोलेजन उगाया गया. अंत में इसे प्रोसेस करके लेदर में बदला गया. पूरी प्रक्रिया में कई तकनीकी चुनौतियां आईं, लेकिन टीम ने इसे सफल बना दिया. बैग का रंग गहरा टील है और इसमें डायनासोर खरोंच जैसे डिजाइन भी हैं.

तीन कंपनियों का अनोखा सहयोग

यह प्रोजेक्ट The Organoid Company, VML क्रिएटिव एजेंसी और Lab Grown Leather Ltd. के बीच हुआ है. The Organoid Company ने जीनोमिक इंजीनियरिंग का काम संभाला. VML ने क्रिएटिव डिजाइन दिया और Lab Grown Leather Ltd. ने चमड़े को तैयार किया. इन कंपनियों ने पहले 2023 में ऊनी मैमथ के डीएनए से विशाल मीटबॉल भी बनाया था. बैग को वारसॉ की टेकवियर ब्रांड Enfin Levé ने डिजाइन किया है. इसका मकसद यह दिखाना है कि जानवरों को नुकसान पहुंचाए बिना भी लग्जरी चमड़ा तैयार किया जा सकता है.

बैग क्यों है खास और आकर्षक

Lab Grown Leather Ltd. के सीईओ चे कॉनॉन कहते हैं कि टी-रेक्स का कनेक्शन इस बैग को एक अलग लक्जरी पहचान देता है. VML के ग्लोबल चीफ क्रिएटिव ऑफिसर बस कॉर्स्टन का कहना है कि यह एथिकल और लैब में बने पदार्थों को पारंपरिक चमड़े जितना या उससे ज्यादा आकर्षक साबित करता है. 

बैग क्रूरता-मुक्त, बायोडिग्रेडेबल और पर्यावरण अनुकूल है. यह दिखाता है कि भविष्य का फैशन सस्टेनेबल भी हो सकता है. प्रदर्शनी में बैग को टी-रेक्स प्रतिकृति के साथ रखा गया है, जो देखने वालों को आकर्षित कर रहा है.

वैज्ञानिकों में मिश्रित प्रतिक्रियाएं

कई वैज्ञानिक इस प्रोजेक्ट पर सवाल उठा रहे हैं. डच पेलियंटोलॉजिस्ट मेलनी ड्यूरिंग कहती हैं कि डायनासोर की हड्डियों में कोलेजन सिर्फ छोटे टुकड़ों में बचता है, इसलिए वास्तविक चमड़े जैसा बनाना बहुत मुश्किल है. मैरीलैंड विश्वविद्यालय के पेलियंटोलॉजिस्ट थॉमस आर. होल्ट्ज जूनियर का कहना है कि टी-रेक्स की हड्डियों में मिलने वाला कोलेजन स्किन से नहीं आता. भले ही प्रोटीन का मिलान सही हो, फिर भी यह असली चमड़े की संरचना और मजबूती नहीं दे सकता. कुछ विशेषज्ञ इसे सिर्फ मार्केटिंग स्टंट मान रहे हैं.

नीलामी और भविष्य की संभावनाएं

प्रदर्शनी 11 मई तक चलेगी, उसके बाद बैग नीलामी में जाएगा. शुरुआती कीमत आधा मिलियन डॉलर से ज्यादा रखी गई है. यह बैग लैब-ग्रोन चमड़े की नई दुनिया खोल सकता है. कंपनियां उम्मीद कर रही हैं कि भविष्य में ऐसे मटेरियल फैशन इंडस्ट्री को बदल देंगे. हालांकि विवाद जारी है, लेकिन यह प्रोजेक्ट निश्चित रूप से चर्चा में है. अगर आप लग्जरी और साइंस के शौकीन हैं तो यह बैग आपके लिए दिलचस्प हो सकता है.