menu-icon
India Daily

फल्टा के 'पुष्पा' कहे जाने वाले जहांगीर खान को बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स ने किया गिरफ्तार

फाल्टा के चर्चित टीएमसी नेता जहांगीर खान को पश्चिम बंगाल STF ने भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार किया है. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
फल्टा के 'पुष्पा' कहे जाने वाले जहांगीर खान को बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स ने किया गिरफ्तार
Courtesy: @Sudo_s87 X account

नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस नेता जहांगीर खान को राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने भारत-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तारी ऐसे समय हुई है. जब विधानसभा चुनावों के बाद उनके खिलाफ दर्ज कई मामलों की जांच जारी है. 

जहांगीर खान दक्षिण 24 परगना जिले की फाल्टा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रहे थे और स्थानीय स्तर पर खुद को फिल्म पुष्पा के किरदार की तरह पेश करने के कारण फाल्टा का पुष्पा कहा जाता था. चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आ रहे थे और उनके ठिकाने को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं. 

रिपोर्ट में क्या आया सामने?

रिपोर्टों के अनुसार कलकत्ता हाई कोर्ट ने उनकी अंतरिम राहत बढ़ाने से इनकार कर दिया था. अदालत के समक्ष बताया गया था कि चुनाव परिणाम आने के बाद उनके खिलाफ पांच पुलिस मामले दर्ज किए गए हैं. इसके बाद उनकी गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई थी. 

एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि जहांगीर खान भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में छिपे हुए हैं. इसके बाद विशेष अभियान चलाया गया और उन्हें हिरासत में ले लिया गया. कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि वह नेपाल के रास्ते सीमा पार कर फरार होने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने समय रहते उन्हें पकड़ लिया. 

क्या है मामला?

फाल्टा विधानसभा सीट चुनाव के दौरान भी विवादों में रही थी. चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों और ईवीएम से जुड़े आरोपों के बाद पूरे क्षेत्र में पुनर्मतदान कराने का फैसला किया था. पुनर्मतदान 21 मई को हुआ था. चुनाव से कुछ दिन पहले जहांगीर खान ने अपना नाम वापस ले लिया था. 

पुनर्मतदान के बाद भाजपा उम्मीदवार ने रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा संदेश गया. चुनाव परिणामों के बाद जहांगीर खान का पार्टी कार्यालय भी बंद पाया गया था और वह लगातार सार्वजनिक गतिविधियों से दूर थे. 

पुलिस ने क्या लिया एक्शन?

अब गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ और अन्य जांच एजेंसियां उनसे पूछताछ कर रही हैं. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि चुनाव बाद दर्ज मामलों में उनकी भूमिका क्या रही और क्या उनके खिलाफ लगे आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मौजूद हैं. आने वाले दिनों में उन्हें अदालत में पेश किया जा सकता है.

इस गिरफ्तारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल बढ़ा दी है. विपक्ष इसे कानून की कार्रवाई बता रहा है, जबकि राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम के दूरगामी प्रभावों पर चर्चा शुरू हो गई है.