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गर्मी में ठंडक पाने का पुराना राज! भारत की पारंपरिक व्यंजनों से आप हो जाएंगे ठंडा-ठंडा कूल-कूल

भारत के अलग-अलग राज्यों में प्रचंड ग्रमी का प्रकोप है. ऐसे में हम आपको कुछ खास ट्रेडिशनल व्यंजन बताएंगे जो इस गर्मी में आपके शरीर को ठंडा रखने का पूरा काम करेगी.

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Edited By: Shanu Sharma
गर्मी में ठंडक पाने का पुराना राज! भारत की पारंपरिक व्यंजनों से आप हो जाएंगे ठंडा-ठंडा कूल-कूल
Courtesy: Pinterest

देश के अलग-अलग राज्यों में प्रचंड गर्मी पड़ रही है. ऐसे में लोग इससे बचने के लिए अलग-अलग नुस्खे आजमा रहे हैं. आज हम भी आपको गर्मी से बचने के लिए कुछ खास भारतीय व्यंजनों के बारे में बताएंगे, जो आपको लू से बचाएगा और आपके शरीर को ठंडा रखेगा. 

हम जो व्यंजन बताने जा रहे हैं, वह विभिन्न राज्यों की पारंपरिक डिशेज है. जो की खास तौर पर गर्मी के मौसम में इस्तेमाल किया जाता है.  ये व्यंजन न सिर्फ स्वादिष्ट हैं बल्कि पाचन सुधारते हैं, हाइड्रेशन बनाए रखते हैं और लू से बचाव में मदद करते हैं. 

कच्चा आमेर टोक दाल  

गर्मियों की दोपहर बंगाली घरों में कच्चा आमेर टोक दाल के बिना अधूरी मानी जाती है. मसूर दाल को हल्दी के साथ उबालकर उसमें कच्चे आम के पतले स्लाइस डाले जाते हैं. यह डिश सरल होते हुए भी बेहद स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक है.

थायिर सादम

दक्षिण भारत के तमिलनाडु में थायिर सादम गर्मी का सबसे लोकप्रिय भोजन है. नरम पके चावल में दही, थोड़ा दूध, बारीक कटी ककड़ी, गाजर और कच्चा आम मिलाया जाता है. यह न सिर्फ शरीर का तापमान नियंत्रित करता है बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाता है.

पच्ची पुलुसु  

आंध्र प्रदेश की यह अनोखी करी बिना आग पर पकाए बनाई जाती है, इसलिए इसे कच्ची पुलुसु भी कहा जाता है. यह डिश हाइड्रेशन बनाए रखने के साथ-साथ शरीर को ठंडक प्रदान करती है और गर्मी में ऊर्जा का स्तर बनाए रखने में सहायक है.

अंगमली मंगा करी 

केरल की मशहूर अंगमली मंगा करी कच्चे आम और नारियल के दूध से बनाई जाती है. इसमें अदरक, हरी मिर्च और कढ़ी पत्ते डाले जाते हैं. यह करी गर्मियों में न सिर्फ स्वादिष्ट बल्कि पेट की समस्याओं से भी राहत दिलाने वाली साबित होती है.

पखला भात

ओडिशा का पारंपरिक पखला भात गर्मी के मौसम में शरीर का तापमान नियंत्रित करने का बेहतरीन तरीका है. यह हल्का और ठंडा भोजन लंबे समय तक ठंडक बनाए रखता है.

पोइता भात और आलू पितिका

असम में फर्मेंटेड चावल यानी पोइता भात को प्याज और हरी मिर्च के साथ खाया जाता है. इसके साथ सरसों तेल में मैश किए आलू का कॉम्बिनेशन गर्मी में ठंडक और ऊर्जा दोनों प्रदान करता है. यह सरल लेकिन पौष्टिक भोजन पूर्वोत्तर की गर्मियों का अभिन्न हिस्सा है.

कढ़ी चावल

उत्तर भारत में गर्मियों का सबसे प्रिय भोजन कढ़ी चावल है. दही और बेसन के मिश्रण को धीमी आंच पर पकाकर बनाया जाता है. दही की ठंडी तासीर पाचन को आसान बनाती है और शरीर को आराम पहुंचाती है.