जानें चमकदार और ग्लोइंग स्किन का बंगाली फॉर्मूला, वरदान साबित होंगी किचन की ये 5 डिश
बंगाली महिलाएं अपनी साफ, ग्लोइंग त्वचा और लंबे-घने बालों के लिए जानी जाती हैं. इसकी एक बड़ी वजह उनका खान-पान है. बंगाली भोजन स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत और त्वचा दोनों के लिए फायदेमंद होता है. तो आज हम अपने इस आर्टिकल में ऐसे ही कुछ खास बंगाली खाने के बारे में बात करने वाले हैं जोकि त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होती है.
बंगाली महिलाएं अपनी साफ, ग्लोइंग त्वचा और लंबे-घने बालों के लिए जानी जाती हैं. इसकी एक बड़ी वजह उनका खान-पान है. बंगाली भोजन स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत और त्वचा दोनों के लिए फायदेमंद होता है.
इसमें ताजी सब्ज़ियां, मछली और पौष्टिक चीजें शामिल होती हैं, जो पेट को ठीक और त्वचा को और ज्यादा अंदर से निखारती हैं. तो आज हम अपने इस आर्टिकल में ऐसी ही कुछ खास बंगाली खाने के बारे में बात करने वाले हैं जोकि त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होती है. आइए जानते हैं ऐसे कुछ खास बंगाली खाने, जो त्वचा के लिए बहुत फायदेमंद हैं।
शुक्तो
इस सूची में सबसे पहले शुक्तो आता है. शुक्तो कई तरह की सब्ज़ियों से बनने वाला हल्का और पौष्टिक व्यंजन है. इसमें आलू, शकरकंद, करेला, कच्चा केला, पपीता, सहजन, सेम और बैंगन डाले जाते हैं.
इसे चावल या रोटी के साथ खाया जाता है. ये डिश एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती है, जो त्वचा को सूजन और इंफेक्शन से बचाती है. इसमें कम कैलोरी होती जोकि रोज खाने के लिए एक अच्छा विकल्प है.
सरसों का साग
सूची में दूसरे पायदान पर सरसों का साग है जोकि त्वचा को प्रदूषण और धूप से होने वाले नुकसान से बचाता है. इसमें विटामिन C, E और बीटा-कैरोटीन भरपूर मात्रा में होते हैं. ये पोषक तत्व झुर्रियां, फाइन लाइन्स और समय से पहले बूढ़ा होने से बचाते हैं. ये मुंहासों और अंदरूनी सूजन को भी कम करता है।
पांता भात
पांता भात बांगालियों की किचन का एक प्रसिद्ध भोजन है, जिसे हर बंगाली खाना पसंद करता है. पांता भात फर्मेंटेड चावल होता है, जिसे बंगाल के अलावा ओडिशा, असम और दक्षिण भारत में भी खाया जाता है.
इसमें अच्छे बैक्टीरिया होते हैं, जो पेट की सेहत सुधारने में मदद करते हैं. यह विटामिन B12 और प्रोबायोटिक्स से भरपूर होता है और गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक देता है।
बिउलीर दाल
बंगाली लोग चिपचिपी चीज़ें खाने से नहीं डरते, और यह हर बंगाली की पसंदीदा चीज़ है. इसे काली उड़द की दाल से बनाया जाता है. पहले इसे सूखा भूना जाता है और फिर तब तक उबाला जाता है जब तक यह दलिया जैसा न हो जाए. इसके मुख्य इंग्रीडिएंट्स सौंफ और अदरक हैं, जो हमारी स्किन का टेक्सचर बेहतर बनाते हैं और स्किन को बिना दाग-धब्बे वाला रखते हैं.
साथ ही यह प्रोटीन से भी भरपूर होता है.
मुरी घंटो
जैसा की सबको पता है कि मछली बंगालियों की किचन का राजा होता है. बांगली महिलाओं की किचन में कुछ मिले या न मिले मछली जरूर मिलती है. तो मछली से ही जुड़ी एक डिश है मुरी घंटो. ये मछली के सिर से बनने वाली करी है.
इसमें विटामिन A, ओमेगा-3 फैटी एसिड, आयरन, जिंक और कैल्शियम भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. ये सभी तत्व त्वचा को साफ और चमकदार बनाते हैं.