मेथी को आर्युवेद की दुनिया में जादुई बीज कहा जाता है. सेहत के लिए इस बीज के कई फायदे हैं. हालांकि इसका असर इसे खाने के तरीके पर भी निर्भर करता है. यानी कि आप जिस तरह से इस बीज को खाते हैं, उसी तरह से यह असर करता है.
मेथी केवल एक गर्म मसाला नहीं बल्कि आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है. इसे कई तरीके से इस्तेमाल किया जाता है. इनकी खेती प्राचीन काल से ही होती आ रही है. भारत के अलावा चीन में इसका इस्तेमाल दवाई बनाने में किया जाता है.
मेथी का इस्तेमाल पाचन, सांस से जुड़ी समस्याओं, डायबिटीज, पेट दर्द और कमजोरी जैसी समस्याओं के इलाज के लिए किया जाता रहा है. आयुर्वेद में, इसे कफ और वात दोषों को संतुलित करने के लिए जाना जाता है. साथ ही, इसकी गर्म तासीर पाचन में भी मदद करती है. इसके अलावा यह जोड़ों के दर्द को कम करने में भी मदद करती है.
यह हृदय स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी है. महिलाओं के लिए यह विशेष रूप से लाभकारी है. यह हार्मोन संतुलन बनाए रखता है, दूध उत्पादन बढ़ाता है और प्रसव के बाद कमजोरी दूर करने में मदद करता है. इसके अलावा यह बालों और त्वचा की सेहत सुधारने में भी कारगर साबित होता है.
अगर आपको डायबिटीज और पाचन की समस्या है तो रात में एक चम्मच मेथी के बीज एक कप पानी में भिगोकर रखें. सुबह खाली पेट इस पानी को पीएं और बीजों को चबाकर खा लें. यह न सिर्फ ब्लड शुगर कंट्रोल करता है बल्कि पेट फूलने और अपच की समस्या को भी दूर करता है. वजन कंट्रोल करने के लिए सुबह खाली पेट भिगोए हुए बीज खाने खाएं. वहीं अगर बच्चे इसके कड़वे स्वाद के कारण इसे नहीं खाते हैं तो सूती कपड़े में बीज भिगोकर पूरे दिन लटका दें.
इसके अलावा चाय की तरह भी इसे इस्तेमाल कर सकते हैं. एक बड़े चम्मच बीजों को दो-तीन कप पानी में उबालें, पानी घटने पर छानकर पीएं. बालों की समस्या को सही करने के लिए चार-पांच घंटे भिगोए बीजों को पीसकर पेस्ट बनाएं और स्कैल्प पर लगाएं. यह रूसी कम करने और बालों की जड़ों को मजबूत करने में बेहद असरदार है.