नई दिल्ली: कोलेस्ट्रॉल बढ़ना एक धीमी प्रक्रिया है. यह अचानक नहीं बढ़ता बल्कि सालों तक शरीर के अंदर चुपचाप जमा होता रहता है. ज्यादातर लोगों को इसका पता तब चलता है जब ब्लड टेस्ट कराया जाता है या फिर कोई गंभीर समस्या सामने आती है. जब हम तला भुना और ज्यादा तेल वाला खाना खाते हैं, समय पर भोजन नहीं करते और शारीरिक गतिविधि कम कर देते हैं, तो शरीर का पाचन तंत्र कमजोर होने लगता है. ऐसे में जो फैट और वेस्ट प्रोडक्ट बाहर निकलने चाहिए, वे शरीर में ही जमा हो जाते हैं. यही धीरे धीरे धमनियों की दीवारों पर परत बनाकर खून के प्रवाह को प्रभावित करते हैं.
आयुर्वेद के अनुसार कोलेस्ट्रॉल केवल खून में बढ़ी चर्बी नहीं है. यह पाचन शक्ति की कमजोरी और शरीर में जमा आम से जुड़ी समस्या है. आम यानी अधपचा और विषैले तत्व जो शरीर में रुक जाते हैं. जब अग्नि यानी पाचन शक्ति कमजोर होती है, तो भोजन पूरी तरह नहीं पचता. इससे शरीर में गंदगी जमा होती जाती है और वही आगे चलकर कई रोगों की जड़ बनती है.
आयुर्वेद के मुताबिक कुछ आदतें कोलेस्ट्रॉल बढ़ाने में अहम भूमिका निभाती हैं
आयुर्वेद कुछ सरल घरेलू उपाय भी बताता है जो पाचन को बेहतर बनाकर कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं.
इन तीनों का संयोजन लाभकारी माना जाता है.