महाशिवरात्रि पर जानें भगवान शिव के 10 अवतार
Babli Rautela
14 Feb 2026
नटराज
भगवान शिव का नटराज रूप तांडव नृत्य का प्रतीक है. यह सृष्टि, स्थिति और संहार के चक्र को दर्शाता है. चारों ओर जलती अग्नि अज्ञान के विनाश और नव सृजन का संकेत देती है, जबकि पैरों तले दबा अपस्मार अहंकार का प्रतीक है.
काल भैरव
काल भैरव शिव का उग्र रूप है, जो मृत्यु और समय पर नियंत्रण रखता है. काशी का कोतवाल कहलाने वाला यह अवतार भय दूर कर आध्यात्मिक जागृति प्रदान करता है. पौराणिक कथा के अनुसार, ब्रह्मा के अहंकार को नियंत्रित करने के लिए शिव ने इसे प्रकट किया था.
अर्धनारीश्वर
यह अद्भुत रूप शिव को आधा पुरुष और आधा स्त्री (पार्वती) के रूप में दिखाता है. यह बताता है कि शिव (चेतना) और शक्ति (ऊर्जा) बिना एक-दूसरे के सृष्टि संभव नहीं.
महाकाल
महाकाल समय का अधिपति है और उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग में विराजमान हैं. यह रूप अधर्म का नाश कर भक्तों की रक्षा करता है.
भैरव
भैरव शिव का सबसे शक्तिशाली और भयंकर रूप है. यह अहंकार, बुराई और नकारात्मकता का संहार करता है. भैरव पूजा से साहस, सुरक्षा और आंतरिक बल मिलता है.
दक्षिणामूर्ति
दक्षिणामूर्ति में शिव बरगद के नीचे बैठकर शिष्यों को मौन से ज्ञान देते दिखते हैं. यह आत्म-जागृति और आध्यात्मिक शिक्षा का सर्वोत्तम रूप है, जो बिना शब्दों के गहन सत्य समझाता है.
अघोरा
अघोरा शिव का तांत्रिक और श्मशान-निवासी रूप है. यह जीवन-मृत्यु के सत्य को स्वीकार कर भौतिक मोह त्यागने की प्रेरणा देता है. यह रूप पूर्ण वैराग्य और निर्भीकता का प्रतीक है.
रुद्र
रुद्र शिव का प्राचीन वैदिक रूप है, जो प्रकृति की उग्र शक्तियों का प्रतिनिधित्व करता है. विनाश के माध्यम से शुद्धि और नई शुरुआत लाने वाला यह रूप तूफान की तरह शक्तिशाली है.
पशुपतिनाथ
पशुपतिनाथ का अर्थ है जीवों का पालक. नेपाल के विश्वप्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर में पूजित यह रूप सभी प्राणियों पर करुणा और संरक्षण दर्शाता है. यह दयालुता का सर्वोच्च प्रतीक है.
वीरभद्र
सती के आत्मदाह पर क्रोधित होकर शिव ने वीरभद्र को उत्पन्न किया. यह न्याय, धर्म रक्षा और अन्याय के विरुद्ध लड़ने का प्रतीक है. वीरभद्र रूप में शिव ने दक्ष यज्ञ का विध्वंस किया था.