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India Daily

अब 150 साल जीयेगा इंसान! चीन करने जा रहा अनोखा कारनामा, चूहों की बढ़ गई 9% उम्र

चीन के वैज्ञानिक अंगूर के बीज से बने तत्व PCC1 पर आधारित एंटी-एजिंग गोली विकसित कर रहे हैं, जो उम्र बढ़ाने का दावा करती है. चूहों पर अच्छे नतीजे मिले, लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार इंसानों पर बड़े परीक्षण जरूरी हैं.

Kanhaiya Kumar Jha
अब 150 साल जीयेगा इंसान! चीन करने जा रहा अनोखा कारनामा, चूहों की बढ़ गई 9% उम्र
Courtesy: Gemini AI

नई दिल्ली: दुनिया में बढ़ती उम्र और बुढ़ापे की समस्याओं के बीच चीन के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी दवा पर काम शुरू किया है, जिसके बारे में दावा किया जा रहा है कि यह इंसान की उम्र को काफी बढ़ा सकती है, यहां तक कि 150 साल तक जीवित रहने की संभावना भी बताई जा रही है. यह दवा अंगूर के बीज में पाए जाने वाले एक प्राकृतिक तत्व पर आधारित है. हालांकि, कई वैज्ञानिक इस दावे पर सवाल भी उठा रहे हैं और कह रहे हैं कि इंसानों पर बड़े और सख्त परीक्षणों के बिना इसे भरोसेमंद नहीं माना जा सकता.

यह एंटी-एजिंग गोली चीन की शेनझेन स्थित बायोटेक कंपनी लॉनवी बायोसाइंसेज विकसित कर रही है. इस गोली में मुख्य रूप से प्रोस्यानिडिन C1 (PCC1) नामक तत्व का इस्तेमाल किया जा रहा है, जो अंगूर के बीज के अर्क में मिलता है. कंपनी का कहना है कि यह तत्व शरीर में मौजूद बूढ़ी और कमजोर हो चुकी कोशिकाओं को खत्म करने की क्षमता रखता है, जबकि स्वस्थ और सक्रिय कोशिकाओं की रक्षा करता है. इसी सिद्धांत के आधार पर दावा किया जा रहा है कि इस दवा के सेवन से उम्र बढ़ाने में मदद मिल सकती है.

चूहों पर हुई रिसर्च के नतीजे

इस दवा की शुरुआत 2021 में ‘नेचर मेटाबॉलिज्म’ पत्रिका में प्रकाशित एक स्टडी से हुई थी. इस शोध में चूहों पर PCC1 का परीक्षण किया गया था. परिणामों में पाया गया कि PCC1 ने चूहों की पुरानी और खराब कोशिकाओं को चुनिंदा रूप से खत्म कर दिया. खास बात यह थी कि इस प्रक्रिया में स्वस्थ कोशिकाएँ सुरक्षित रहीं.

शोध के अनुसार, इस दवा को देने के बाद चूहों की औसत उम्र 9% बढ़ गई, और अगर इलाज शुरू होने के समय की उम्र से तुलना की जाए, तो उनकी उम्र में 64% की वृद्धि दर्ज की गई.

कंपनी के सीईओ यिप त्सझो (जिको) ने तो इस दवा को "लॉन्गेविटी साइंस का पवित्र पात्र (Holy Grail)" तक कह दिया. उनका मानना है कि अगर यह दवा एक स्वस्थ जीवनशैली के साथ मिलकर काम करती है, तो इंसान का 150 साल जीना भी संभव हो सकता है.

वैज्ञानिकों की चेतावनी

दूसरी ओर, कई विशेषज्ञ इस दावे के प्रति सावधान हैं. बक इंस्टिट्यूट फॉर रिसर्च ऑन एजिंग के वैज्ञानिकों का कहना है कि चूहों पर मिले नतीजे उत्साहजनक जरूर हैं, लेकिन इंसानों पर इन्हें लागू करना इतना आसान नहीं होगा. उम्र बढ़ाने की प्रक्रिया बेहद जटिल है, इसलिए किसी भी दवा को सुरक्षित साबित करने के लिए वर्षों तक बड़े पैमाने पर क्लिनिकल ट्रायल की जरूरत पड़ेगी.

चीन में तेजी से बढ़ रहा लॉन्गेविटी रिसर्च

चीन में लंबी उम्र और एंटी-एजिंग से जुड़े शोधों को सरकार की तरफ से भी प्रोत्साहन मिल रहा है. कई कंपनियाँ बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं. हालांकि, वैज्ञानिकों का कहना है कि 150 साल की उम्र अभी भी एक सपना है, और इसे सच बनने में लंबा समय लग सकता है.

इस खोज ने दुनिया भर में लोगों के बीच उत्सुकता जरूर बढ़ा दी है. लोग सोच रहे हैं कि क्या आने वाले समय में सौ साल से ज्यादा जीना आम बात हो जाएगी? लेकिन डॉक्टरों की सलाह अभी भी वही है, स्वस्थ खाना, रोज वजन नियंत्रित रखना, व्यायाम और बेहतर आदतें ही लंबे जीवन का असली आधार हैं.