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क्या आपका बच्चा भी है सीने की जकड़न से परेशान? अपनाएं दादी-नानी का ये असरदार नुस्खा

सर्दियों के शुरु होते ही सर्दी खांसी भी दस्तक देने लगती है. ठंड में घटते तापमान में अक्सर ही बच्चों में जकड़न की समस्या देखने को मिलती है, जोकि माता-पिता की चिंता का विषय बनता है. ऐसी स्थिती में माता-पिता दादी नानी के नुस्खे को ही अपनाते हैं.

Meenu Singh
Edited By: Meenu Singh
क्या आपका बच्चा भी है सीने की जकड़न से परेशान? अपनाएं दादी-नानी का ये असरदार नुस्खा
Courtesy: India Daily

नई दिल्ली: सर्दियों के शुरु होते ही सर्दी खांसी भी दस्तक देने लगती है.सर्दियों के मौसम में बड़ों से लेकर बच्चों तक सभी को ज्यादा से ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है. ऐसे में बच्चों को इस मौसम में और भी बचाने की आवश्यकता होती है और अगर  बच्चा छोटा है तब तो आपको और भी सतर्क हो जाना चाहिए. 

ठंड में घटते तापमान में अक्सर ही बच्चों में जकड़न की समस्या देखने को मिलती है, जोकि माता-पिता की चिंता का विषय बनता है. ऐसी स्थिती में माता-पिता दादी नानी के नुस्खे को ही अपनाते हैं. उनके इन नुस्खों ने हमेशा पेरेंट्स की सहायता की है, जिससे बच्चे की परेशानी पल भर में ही छू हो जाती है. कुछ एक्सपर्ट ने भी इन नुस्खों को सही ठहराया है. तो आज हम दानी और नानी के उन्ही नुस्खों के बारे में जानने वाले हैं.

करनी चाहिए तिल के तेल से मालिश 

तिल का तेल पहले ही अपने कई गुणों के कारण जाना जाता है. लेकिन यह अपने बच्चे के लिए किसी वरदान से कम नहीं होगा. आयुर्वेद एक्सपर्ट किरण गुप्ता बताती हैं कि तिल के तेल से मालिश करने से उन्हें काफी आराम मिलता है. दरअसल तिल का तेल हल्का गर्म करके बच्चे के सीने, और पीठ पर लगाने से बच्चे को कफ से आराम मिल सकता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. जो श्वस मार्ग को खोलने का काम करती है.

केफ जकड़न में पान का पत्ता है मददगार 

एक्सपर्ट ने आगे बताया कि पान का पत्ता भी जकड़न में काफी किफायती रहती है. आप पान के पत्ता को तवे पर रखकर हल्का से  सेके और फिर इस पर तिल का तेल लगाए. इसके बाद इस पत्ते को बच्चे के सीने पर लगाए. ऐसा करने के बाद बच्चे को गर्म कपड़े पहना दें. बता दें  पान के पत्ते में एंटी इंफ्लेमेटरी और एक्सपेक्टोरेंट गुण पाए जाते हैं. 

जायफल और छुआरा 

अब बात करते हैं जायफल और छुआरा भी बच्चों के लिए काफी फायदेमंद होती है. अगर बच्चे के दांत हो तो मनक्का दूध में भीगा छुआरा और जायफल पाउडर को मिक्स करके खिलाएं. अगर बच्चे के दांत न हो तो उनके दूध में जायफल मिलकर उसे पिलाएं. कुछ में ही आपको इसका असर दिखने लग जाएगा. 

Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन मान्यताओं और जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.