नई दिल्ली: कहते हैं पौधे भी हम इंसानों की तरह होते हैं. हमारी तरह वो भी सांस लेते हैं. वो हमारी बात भी सुनते हैं. वो बहुत नाजुक होते हैं. मौसम के अनुसार उनका ख्याल रखना जरुरी हो जाता है. इन दिनों देशभर में जलाने वाली गर्मी पड़ रही है. गर्मी के दिनों में पौधों की देखभाल थोड़ी चुनौतीपूर्ण हो जाती है. तेज धूप और गर्म हवा पौधों से नमी सोख लेती है, जिससे वे सूखने लगते हैं.
कई लोग सुबह या शाम पानी देते हैं, लेकिन सही तरीका न अपनाने से पौधों को नुकसान भी हो सकता है. गार्डनिंग एक्सपर्ट्स कहते हैं कि पानी देने का समय और तरीका दोनों बहुत मायने रखते हैं.
अगर आप भी घर पर गार्डन या बालकनी में पौधे लगा रहे हैं तो इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखें. सही समय पर सही मात्रा में पानी देने से पौधे न सिर्फ हरे-भरे रहते हैं बल्कि बीमारियां भी नहीं लगतीं. आइए जानते हैं गर्मी में पौधों की सिंचाई से जुड़ी 5 जरूरी बातें.
गर्मी में पौधों को पानी देने का सबसे अच्छा समय सुबह का है. सुबह 7 से 9 बजे के बीच पानी दें तो पौधे पूरे दिन नमी बरकरार रख पाते हैं. शाम को भी पानी दे सकते हैं, लेकिन सूर्यास्त से पहले दें ताकि रात में पत्तियां गीली न रहें. दोपहर में कभी पानी न दें.
पानी सिर्फ ऊपरी मिट्टी पर न डालें. जड़ों तक पानी पहुंचना जरूरी है. पौधे के चारों तरफ धीरे-धीरे पानी डालें ताकि मिट्टी अच्छे से गीली हो जाए. अगर मिट्टी बहुत सूखी है तो पहले हल्का पानी छिड़ककर फिर पूरा पानी दें.
हर पौधे की जरूरत अलग-अलग होती है. बड़े गमलों और जड़ों वाले पौधों को ज्यादा पानी चाहिए. मिट्टी को छूकर देखें-अगर ऊपरी 2 इंच मिट्टी सूखी लगे तो पानी दें. ज्यादा पानी देने से जड़ें सड़ सकती हैं.
गर्मी में पत्तियों पर पानी डालने से फंगस और कीट लगने का खतरा बढ़ जाता है. हमेशा जड़ों के पास मिट्टी में पानी डालें. अगर पत्तियां गर्मी से झुलस रही हैं तो शाम को हल्का छिड़काव कर सकते हैं, लेकिन ज्यादा नहीं.
गर्मी में मिट्टी से नमी तेजी से उड़ती है. पौधों के चारों तरफ सूखी घास, पत्तियां या मल्च बिछा दें. इससे मिट्टी ठंडी रहती है और पानी कम लगता है. मल्चिंग गार्डन को हरा-भरा रखने का सबसे आसान और असरदार तरीका है.
Disclaimer: यहां दी गई सभी जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. theindiadaily.com इन जानकारियों की पुष्टि नहीं करता है. किसी भी जानकारी को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह ले लें.