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एक बार लगाइए और बार-बार पाइए आम! घर की छत पर लगाएं 12 महीने फल देने वाला पौधा

आम को फलों का राजा कहा जाता है, लेकिन अब कुछ ऐसी उन्नत ग्राफ्टेड किस्में भी लोकप्रिय हो रही हैं जो अनुकूल परिस्थितियों में साल में एक से अधिक बार फल दे सकती हैं.

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Edited By: Reepu Kumari
एक बार लगाइए और बार-बार पाइए आम! घर की छत पर लगाएं 12 महीने फल देने वाला पौधा
Courtesy: Pinterest

आम का नाम सुनते ही गर्मियों की मिठास याद आ जाती है. आमतौर पर लोग मानते हैं कि आम का पेड़ साल में केवल एक बार फल देता है, लेकिन बागवानी की दुनिया में कुछ ऐसी उन्नत किस्में भी मौजूद हैं जो सामान्य पेड़ों से अलग अनुभव देती हैं. इन्हें बारहमासी या ऑल-सीजन आम कहा जाता है.

हाल के वर्षों में घरों की छतों, बालकनियों और छोटे बगीचों में ऐसे पौधों की मांग बढ़ी है. खास बात यह है कि ये पौधे आकार में अपेक्षाकृत छोटे होते हैं और सीमित जगह में भी लगाए जा सकते हैं. सही देखभाल मिलने पर ये पौधे बार-बार फूल और फल देने की क्षमता रखते हैं.

बारहमासी आम आखिर होता क्या है?

बारहमासी आम किसी एक विशेष प्रजाति का नाम नहीं है. यह उन उन्नत ग्राफ्टेड किस्मों के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला शब्द है, जो अनुकूल वातावरण में साल में कई बार फूल और फल देने की क्षमता रखती हैं. इन पौधों का आकार सामान्य आम के पेड़ों की तुलना में छोटा होता है, इसलिए इन्हें गमलों में आसानी से लगाया जा सकता है.

अच्छी शुरुआत के लिए सही पौधा जरूरी

विशेषज्ञ अच्छी गुणवत्ता वाला ग्राफ्टेड पौधा खरीदने की सलाह देते हैं. ऐसे पौधे जल्दी विकसित होते हैं और अपेक्षाकृत कम समय में फल देना शुरू कर सकते हैं. पौधा लगाने के लिए कम से कम 18 से 24 इंच गहरा गमला चुनना बेहतर माना जाता है, ताकि जड़ों को फैलने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके.

मिट्टी और धूप का रखें विशेष ध्यान

बेहतर विकास के लिए गमले में बगीचे की मिट्टी, गोबर की खाद और रेत या कोकोपीट का संतुलित मिश्रण तैयार किया जाता है. आम के पौधों को प्रतिदिन लगभग 6 से 8 घंटे सीधी धूप की जरूरत होती है. इसलिए पौधे को ऐसी जगह रखना चाहिए जहां भरपूर सूर्य प्रकाश उपलब्ध हो.

नियमित देखभाल से बढ़ती है उत्पादन क्षमता

गर्मियों में समय-समय पर पानी देना जरूरी है, लेकिन गमले में पानी जमा नहीं होना चाहिए. हर महीने जैविक खाद या वर्मीकम्पोस्ट डालने से पौधा स्वस्थ बना रहता है. साथ ही कमजोर शाखाओं की छंटाई, नीम के तेल का छिड़काव और फूल आने के दौरान अतिरिक्त पोषण देने से पौधे की वृद्धि और फल उत्पादन बेहतर हो सकता है.