दुनिया की सबसे खतरनाक सरकारी नौकरी, लाखों में होती है सैलरी; हैं खतरों के खिलाड़ी तो ऐसे करें अप्लाई
लाइटहाउस ऑपरेटर की नौकरी बेहद जोखिम भरी मानी जाती है, जहां कर्मचारियों को समुद्र के बीच खतरनाक परिस्थितियों में काम करना पड़ता है. चलिए जानते हैं क्या-क्या करना पड़ता है काम.
नई दिल्ली: एक ऐसी खास सरकारी नौकरी भी है जहां हर दिन जान का जोखिम बना रहता है. हम बात कर रहे हैं 'लाइटहाउस ऑपरेटर' की भूमिका की. यह पद 'डायरेक्टरेट जनरल ऑफ लाइटहाउसेस एंड लाइटशिप्स' के अंतर्गत आता है और इसे दुनिया की सबसे खतरनाक सरकारी नौकरियों में से एक माना जाता है.
समुद्र के बीच खड़े विशाल लाइटहाउस दूर से देखने में बेहद आकर्षक लगते हैं, लेकिन वहां काम करना कोई आसान काम नहीं है. इन जगहों पर तैनात कर्मचारियों को तेज़ हवाओं, ऊंची-ऊंची लहरों, खराब मौसम और समुद्र में उठने वाले भयंकर तूफानों के बीच अपनी ड्यूटी निभानी पड़ती है. अक्सर उन्हें लंबे समय तक पूरी तरह अकेले रहकर अपनी ड्यूटी पूरी करनी पड़ती है.
क्या है लाइटहाउस का मुख्य काम?
लाइटहाउस का मुख्य काम समुद्र में चल रहे जहाजों को सही दिशा दिखाना होता है. अगर किसी वजह से लाइट खराब हो जाए या कोई तकनीकी खराबी आ जाए, तो जहाजों को अपना रास्ता पहचानने में मुश्किल हो सकती है, जिससे कोई बड़ा समुद्री हादसा भी हो सकता है.
लाइटहाउस में कई तरह के पद होते हैं. इनमें से प्रमुख पद हैं नेविगेशनल असिस्टेंट, टेक्नीशियन और फील्ड असिस्टेंट. नेविगेशनल असिस्टेंट का काम लाइट, रेडियो बीकन और सिग्नल सिस्टम पर 24 घंटे लगातार नजर रखना होता है.
क्या होती है टेक्नीशियन की जिम्मेदारी?
टेक्नीशियन की जिम्मेदारी बिजली के इंफ्रास्ट्रक्चर, मशीनों और डीजल जनरेटर की देखरेख करना होता है. उनका यह फर्ज होता है कि अगर कोई तकनीकी खराबी आ जाए, तो उसे तुरंत ठीक करें.
फील्ड असिस्टेंट, इंजीनियरों की मदद करते हैं और निरीक्षण के कामों में हाथ बंटाते हैं. इसके अलावा कर्मचारियों को लाइट सिग्नलों की जांच करनी होती है, फ्रेस्नेल लेंस की सफ़ाई करनी होती है, बल्ब बदलने होते हैं और यह सुनिश्चित करना होता है कि बैकअप पावर सिस्टम हमेशा तैयार स्थिति में रहें.
और क्या-क्या होता है काम?
समुद्री मौसम से जुड़े डेटा को रिकॉर्ड करना भी इस नौकरी का एक और अहम पहलू है. हवा की गति, समुद्र की स्थिति और मौसम में होने वाले बदलावों पर लगातार नजर रखी जाती है.
कोई भी युवा जो इस क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहता है, उसके पास इलेक्ट्रॉनिक्स, टेलीकम्युनिकेशन या इलेक्ट्रिकल ट्रेड में डिप्लोमा होना जरूरी है. इच्छुक उम्मीदवारों की उम्र 18 साल से 27 साल के बीच होनी चाहिए.
क्या है भर्ती प्रक्रिया?
इस पद के लिए मिलने वाला वेतन भी काफी आकर्षक माना जाता है. नेविगेशनल असिस्टेंट ग्रेड-3 के पद के लिए शुरुआती वेतन लगभग ₹29,200 से लेकर ₹92,300 तक होता है. इसके अलावा इसमें सरकारी भत्ते, रहने की सुविधाएं और नौकरी की सुरक्षा भी मिलती है.
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