भूपेंद्र सिंह चौधरी को वैवाहिक वर्षगांठ पर बड़ा तोहफा, भाजपा में बढ़ा कद, फिर बने केबिनेट मंत्री
भाजपा उत्तर प्रदेश के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी को उनकी वैवाहिक वर्षगांठ के मौके पर बड़ा राजनीतिक तोहफा मिला. पार्टी और समर्थकों में खुशी की लहर.
भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी के अपनी वैवाहिक वर्षगांठ के मौके पर केबिनेट की शपथ लेते ही आज का दिन डबल खास हो गया. या यूं कहें कि खास दिन पर केबिनेट में शामिल होने से उनके परिवार और समर्थकों की खुशी दोगुनी हो गई है. भूपेंद्र चौधरी को उनके चाहने वाले सोशल मीडिया के जरिए शुभकामनाएं दे रहे हैं.
करीब छह माह टला केबिनेट विस्तार, तब बना यह संयोग
भूपेंद्र चौधरी अगस्त 2022 से दिसंबर 2025 तक यूपी बीजेपी के अध्यक्ष रहे. दिसंबर में संगठन में बड़ा बदलाव हुआ तो तभी से यूपी केबिनेट विस्तार की तैयारी थी, और भूपेंद्र चौधरी को केबिनेट जाना भी तय था, लेकिन किसी न किसी बहाने केबिनेट विस्तार टलता रहा, भूपेंद्र चौधरी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि यह सुखद संयोग बनेगा और 10 मई को उनकी शादी की सालगिरह के मौके पर ही वे केबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ लेंगे, लेकिन जब संयोग बना तो समर्थकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा.
योगी सरकार के पहले केबिनेट में भी रह चुके हैं भूपेंद्र
मुरादाबाद से आने वाले भूपेंद्र चौधरी जाट समाज से हैं और बीजेपी के लिए वेस्ट यूपी में सामाजिक संतुलन संभालने में महत्वूपूर्ण भूमिका निभाते हैं. खासकर वेस्ट यूपी के किसानों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है. भूपेंद्र चौधरी योगी सरकार के पहले केबिनेट में भी पंचायती राज मंत्री रह चुके हैं.
मुलायम सिंह यादव के सामने चुनाव लड़कर आए थे चर्चा में
बीजेपी से ही अपने सियासी सफर की शुरूआत करने वाले भूपेंद्र चौधरी मुलायम सिंह यादव के सामने लोकसभा चुनाव लड़ने के बाद लाइम लाइट में आए. 1999 में उन्होंने संभल लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के तत्कालीन अध्यक्ष के खिलाफ बीजेपी प्रत्याशी के तौर पर मोर्चा लिया था, हालांकि वे चुनाव हार गए थे, लेकिन उसके बाद से बीजेपी में उनके कद बढ़ता ही चला गया. विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए बीजेपी ने भूपेंद्र चौधरी को केबिनेट में लेकर वेस्ट यूपी, किसानों और खासकर जाटों को साधने की तैयारी कर ली है.