Inspiring Journey: दो दोस्तों ने कॉर्पोरेट जॉब छोड़ी, जेब में बस एक आइडिया... आज हर महीने कमा रहे हैं 1 करोड़ रुपये
आईआईटी खड़गपुर के दो दोस्तों ने कॉर्पोरेट नौकरी छोड़कर एक छोटे से आइडिया पर काम शुरू किया. आज उनका स्टार्टअप 'शेफकार्ट' हर महीने करीब 1 करोड़ रुपये कमा रहा है और जोमैटो के सह-संस्थापक भी इसमें निवेशक हैं.
Inspiring Journey: कभी-कभी सबसे बड़े बिजनेस आइडिया रोजमर्रा की छोटी सी परेशानी से ही निकलते हैं. वैभव गुप्ता के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ, जब उन्हें अपने लिए एक भरोसेमंद शेफ ढूंढने में इतनी दिक्कत आई कि उन्होंने इसी समस्या को अपना बिजनेस बना डाला. आईआईटी खड़गपुर से पढ़े वैभव और अमन गुप्ता ने कॉर्पोरेट नौकरी की सुरक्षा छोड़कर अनिश्चितता भरा रास्ता चुना. आज उनका स्टार्टअप 'शेफकार्ट' न सिर्फ हजारों घरों की रसोई संभाल रहा है, बल्कि हर महीने करीब 1 करोड़ रुपये कमा भी रहा है.
इन्होंने महसूस किया कि घरों में शेफ ढूंढने का तरीका आज भी पुराना और असंगठित है. इसी सोच के साथ मई 2020 में गुरुग्राम से 'शेफकार्ट' की शुरुआत हुई, जो अब ग्राहकों को घर पर शेफ उपलब्ध कराने वाला एक जाना-पहचाना प्लेटफॉर्म बन चुका है.
नौकरी के दौरान आया बिजनेस का आइडिया
वैभव गुरुग्राम में अमेरिकन एक्सप्रेस में बिजनेस एनालिस्ट थे, जब उन्हें खुद अच्छा शेफ ढूंढने में भारी दिक्कत हुई. सिक्योरिटी गार्ड या दोस्तों के भरोसे कुक ढूंढने में न कोई पारदर्शिता थी, न ऑप्शन. इससे पहले वे कॉलेज के दिनों में लॉन्ड्री सर्विस 'क्रीज' भी शुरू कर चुके थे. इसी अनुभव और कुछ नया करने की चाह ने उन्हें अप्रैल 2020 में नौकरी छोड़कर अमन गुप्ता संग शेफकार्ट की नींव रखने को प्रेरित किया.
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महामारी में मिली बड़ी मदद
मई 2020 में जब कोरोना अपने चरम पर था, तभी इस स्टार्टअप ने गुरुग्राम से शुरुआत की. शुरुआती दिनों में ग्राहकों की प्रतिक्रिया धीमी रही, लेकिन नौकरी गंवा चुके कई कुक इस प्लेटफॉर्म से जुड़ने लगे. बिना महंगे विज्ञापन के फेसबुक ग्रुप्स और पर्सनल कॉल्स से भरोसा बना. सख्त हाइजीन मानकों की बदौलत सितंबर 2020 तक डिमांड तेजी से बढ़ने लगी.
शेफ्स की जिंदगी में भी आया बदलाव
इस स्टार्टअप ने सिर्फ ग्राहकों की समस्या हल नहीं की, बल्कि शेफ्स की जिंदगी भी बदल दी. पहले कुक को सिक्योरिटी गार्डों को कमीशन देना पड़ता था और लेन-देन नकद में होता था, जिससे बैंक लोन मिलना मुश्किल था. अब हर शेफ का बैंक खाता है, डेली पेमेंट मिलती है, करीब 2 लाख रुपये का इंश्योरेंस कवर मिलता है. कई सिंगल मदर हर महीने 40 हजार रुपये तक कमा रही हैं.
अब हर महीने करोड़ों की कमाई
आज शेफकार्ट गुरुग्राम में मजबूत पकड़ के साथ हर महीने करीब 1 करोड़ रुपये कमा रहा है, यानी सालाना 12 से 13 करोड़ रुपये के आसपास. जोमैटो के सह-संस्थापक दीपिंदर गोयल जैसे बड़े नाम भी इसमें निवेशक बन चुके हैं. कंपनी अब दिल्ली और बेंगलुरु में विस्तार के साथ-साथ मील प्लानिंग और ग्रोसरी शॉपिंग जैसी नई सेवाएं जोड़ने की तैयारी में है.