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झुग्गी झोपड़ी-उल्टी खोपड़ी से, पाप मैं CA बन गई तक, इस लड़की की कहानी पढ़ करेंगे सैल्यूट

सीए अमिता प्रजापति ने सफल होने के बाद एक इमोशनल नोट शेयर किया है. उसे पढ़कर आप बिना रोए नहीं रह सकेंगे. सफलता की कई कहानियां, आपने सुनी होंगी, लेकिन ये कहानी बिलकुल अलग है. एक बाप, जिसने अपना सबकुछ दांव पर लगाकर अपनी बेटी को पढ़ाया-लिखाया, तानों से बेपरवाह, उसने कमाल किया है. पढ़ें उसकी कहानी.

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झुग्गी झोपड़ी-उल्टी खोपड़ी से, पाप मैं CA बन गई तक, इस लड़की की कहानी पढ़ करेंगे सैल्यूट
Courtesy: Social Media

CA अमिता प्रजापति. ये नई पहचान है. पुरानी पहचान है, एक झुग्गी झोपड़ी में रहने वाली, गरीब बाप की बेटी, जिसका गुजारा चाय बेचकर चलता था. जिसने बचपने में पढ़ाई में औसत होने की वजह से ताने सुने, लोगों की गालियां सुनी लेकिन अब वो स्टार बन गई. एक लड़की, जो गरीब तबके से थी, वह चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) है, जो लाखों कमाने वाली है.

इस लड़की की कहानी में हम कुछ कहेंगे ही नहीं. खुद उसी की जुबानी पढ़ लीजिए. 

'पापा मैं सीए बन गई. 10 साल लगे. आंखों में सपना लिए हर रोज खुद से पूछती थी. ये सपना ही है या कभी सच भी होगा. 11 जुलाई 2024 को सच होगा. हां सपने सच होते हैं. लोग कहते थे क्यों करवा रहे हो, इतना बड़ा कोर्स, तुम्हारी बेटी नहीं कर पाएगी, क्योंकि मैं औसत दर्जे से कम की स्टूडेंथ थी.'

'कहते थे तुम इतना नहीं पढ़ा पाओगे चाय बेचकर, पैसा बचाकर घर बनवा लो कब तक जवान बेटियों को लेकर सड़क पर रहोगे. वैसे भी एक दिन तो इन्हें जाना ही है. पराया धन है, तुम्हारे पास कुछ नहीं बचेगा.'

'हां सच है मैं स्लम में रहती हूं. ये बहुत कम लोग ही जानते हैं. लेकिन अब मुझे कोई शर्म नहीं है. वो लोग कहते थे झुग्गी झोपड़ी उल्टी खोपड़ी. सच है. बिलकुल सही कहते थे. अगर उल्टी खोपड़ी नहीं होती तो आज यहां नहीं पहुंचती. और अब इस लायक हूं कि अपने पापा को घर बनवाकर दे सकती हूं. उनकी सारी ख्वाहिशें पूरी कर सकती हूं.'

'पहली बार पापा को गले लगाकर रोई, ये सुकून है. इस मोमेंट के लिए बहुत बहुत ज्यादा इंतजार किया था. खुली आंखों से इस सपने को इमैजिन करती थी, आज कैप्चर्ड है रियल में.'

मैं सबको यही बोलना चाहूंगी कि बहुत देर कभी नहीं होती है. सपने सच होते हैं. आज जो भी कुछ मेरे पापा और मम्मी की देन है, जो मुझपे इतना विश्वास किया और कभी ये नहीं सोचा कि एक दिन हमें छोड़कर चली जाएगी. बल्कि ये सोचा कि मैं मेरी बेटियों को पढ़ाऊंगी. 

कौन हैं अमिता प्रजापति?

अमिता प्रजापति ने अपनी कहानी लिंक्डइन पर शेयर की है. हजारों लोग उनके वीडियो पर कमेंट कर चुके हैं. लोगों ने उनकी तारीफ में जमकर कसीदे पढ़े हैं. लोगों ने अमिता का हौसला बढ़ाया है. लोगों ने कहा है कि अगर ये दम किसी में है तो वह दुनिया जीत सकता है. लोग खराब परिस्थितियों को कोसते हैं लेकिन अगर मेहनत करें, तो उससे निकलने का मौका भी मिलता है.