देशभर में आपदा किसी भी राज्य पर आए, सबसे पहले एनडीआरएफ की टीम पहुंचती है. चाहे टनल में मजदूर फंसे हों, या बाढ़ग्रस्त इलाकों से लोगों को बाहर निकालना हो, ये जवान संकटमोचक बनकर लोगों की जिंदगी बचाते हैं. हमारा देश भारत हर साल कई नेचुरल विपदाओं से जूझता है जिसमें बाढ़, भूकंप, लैंड स्लाइड, एव्लेंश, साइक्लोन, हेलस्ट्रोम, सूखा या अकाल और लाइटनिंग जैसी समस्याएं हैं. हमारे देश भारत में मौजूदा समय में असम, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, केरल, त्रिपुरा, राजस्थान, गुजरात और झारखंड राज्यों के 1.15 करोड़ लोग बाढ़ से प्रभावित हैं और न जाने कितने लोगों की बाढ़ के कारण जान जा चुकी है.
इस बाढ़ के आगे जब सिस्टम बेबस और लाचार हो जाता है तब डिजास्टर मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स बाढ़ से पीड़ित लोगों की मदद करता है. प्रकृति का बैलेंस बिगड़ने के कारण बाढ़ आती है. बाढ़ आने के बाद जब चीजें कंट्रोल से बाहर हो जाती हैं तब आपदा प्रबंधन या डिजास्टर मैनेजमेंट (Disaster Management) के प्रोफेशनल्स की जरूरत पड़ती है. बाढ़ में फंसे लोगों को बचाना इनके बाएं हाथ का खेल होता है. अगर आप भी इस फील्ड में करियर बनाने का सोच रहे हैं तो चलिए जानते हैं कि कैसे आप इसको अपना करियर बनाएं.
इस फील्ड में लोगों को बेहतर सैलरी पैकेज और करियर में तरक्की के साथ विदेशों में काम करने का मौका भी मिलता है. इसको करने के लिए आपको इसकी डिग्री लेनी पड़ती है. डिजास्टर मैनेजमेंट में सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर बैचलर डिग्री, PG Diploma, Master Degree और PHD लेवल के कोर्स दिए जाते हैं.
इस कोर्स को करने के लिए 12वीं पास होना जरूरी है. इसके बाद डिप्लोमा या मास्टर डिग्री में एडमिशन के लिए ग्रेजुएशन (BA/ BSc/ BCom) जरूरी है. जब आप इस फील्ड को ज्वाइन करते हैं तो आपको कई तरह की ट्रेनिंग भी दी जाती है.
इस फील्ड के प्रोफेशनल्स को काफी जोखिम भरी परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है. आपको इसके लिए माउंटेनियरिंग (Mountaineering) के अलावा, कई तरह की ट्रेनिंग दी जाती है. इस फील्ड को चुनने के लिए आपके मन में समाज सेवा की भावना जरूर होनी चाहिए.
इसको अगर आप करना चाहते हैं तो हम आपको कुछ टॉप कॉलेज के नाम बताते हैं-