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Success Story: 12वीं-ग्रेजुएशन में फेल... शक्ति मोहन और टेरेंस लुईस के पीछे किया डांस, जिंदगी ने ली करवट; जीरो से बने RAS अफसर

बृजेश परमार की कहानी असफलता से सफलता तक पहुंचने की मिसाल है. 12वीं और स्नातक में असफल होने के बाद उन्होंने नृत्य को करियर बनाया और शक्ति मोहन व टेरेंस लुईस जैसे कलाकारों के पीछे नृत्य किया.

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Edited By: Reepu Kumari
Success Story: 12वीं-ग्रेजुएशन में फेल... शक्ति मोहन और टेरेंस लुईस के पीछे किया डांस, जिंदगी ने ली करवट; जीरो से बने RAS अफसर
Courtesy: (फोटो सोर्स- Insta/brijeshparmar__ras)

राजस्थान के बृजेश परमार की आरएएस सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए उम्मीद जगाती है, जिन्हें पढ़ाई में मिली असफलता अपना अंत लगती है. बृजेश आरएएस परीक्षा पास करने से पहले 12वीं और स्नातक की पढ़ाई में असफल हो चुके थे. इसके बाद उन्होंने नृत्य को करियर बनाया और शक्ति मोहन तथा टेरेंस लुईस जैसे चर्चित कलाकारों के पीछे मंच पर नृत्य किया. कोविड के दौरान काम छूटा तो गांव लौटना पड़ा. यहीं से उनकी जिंदगी ने नई दिशा पकड़ी और उन्होंने फिर किताबें थाम लीं.

12वीं में असफल

बृजेश राजस्थान के सिरोही की सामान्य परिवार से आते हैं. उनके पिता केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में सहायक उपनिरीक्षक हैं, जबकि मां गृहिणी हैं. बचपन में पढ़ाई में अच्छे रहे बृजेश ने 11वीं के बाद साथियों की देखा-देखी विज्ञान विषय चुन लिया. जल्द ही उन्हें महसूस हुआ कि यह फैसला उनके लिए सही नहीं था. पढ़ाई समझ में नहीं आई और वे 12वीं में असफल हो गए. बाद में विषय बदला और उन्होंने 12वीं पास की, लेकिन आत्मविश्वास को बड़ा झटका लग चुका था.

एक फैसले ने पढ़ाई से दूर कर दिया

स्नातक में प्रवेश लेने के बाद भी बृजेश का पढ़ाई में मन नहीं लगा. स्नातक के पहले वर्ष में वे परीक्षा के दौरान बहुत जल्दी उत्तर पुस्तिका जमा करके बाहर निकल आते थे. नतीजा यह हुआ कि वे फिर असफल हो गए. हालांकि बाद में उन्होंने अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की, लेकिन उनका मन किसी और दिशा में बढ़ चुका था. बचपन से नृत्य के शौकीन बृजेश ने पिता से अपना सपना साझा किया और नृत्य को पेशे के रूप में अपनाने का फैसला किया.

दिल्ली पहुंचकर सीखा नृत्य

बृजेश नृत्य का प्रशिक्षण लेने दिल्ली पहुंचे. उन्होंने चर्चित नृत्य निर्देशक एशले लोबो की नृत्य संस्था में व्यावसायिक प्रशिक्षण लिया. यहां उन्होंने कई तरह के नृत्य की कठिन तैयारी की. देश-विदेश के नृत्य निर्देशकों से सीखने का अवसर मिला और धीरे-धीरे उनकी पहचान बनने लगी. इसी दौरान उन्होंने शक्ति मोहन और टेरेंस लुईस जैसे बड़े नामों के साथ मंच पर पीछे नृत्य किया. उनके लिए यह सफर उस समय बेहद खास था, क्योंकि कुछ समय पहले तक वे पढ़ाई में लगातार असफल हो रहे थे.

कोविड ने फिर बदली जिंदगी की दिशा

कोविड महामारी के दौरान देश में बंदी लगी तो नृत्य से जुड़ा काम भी रुक गया. बृजेश को दिल्ली छोड़कर अपने गांव लौटना पड़ा. वहां जब लोग उनसे काम के बारे में पूछते तो वे खुद को नर्तक बताते. इसके बाद उनसे कमाई को लेकर सवाल किए जाते. ऐसे सवाल और ताने उन्हें भीतर तक प्रभावित करते थे. मगर पिता ने उनका हौसला कम नहीं होने दिया. इसी दौर में बृजेश ने तय किया कि अब जिंदगी को एक नई दिशा देनी है.

दोबारा किताबें उठाईं और आरएएस की तैयारी शुरू की

कोविड के दौरान बृजेश को संघ लोक सेवा आयोग और राजस्थान प्रशासनिक सेवा जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के बारे में जानकारी मिली. उन्होंने परीक्षा से जुड़े व्याख्यान और अध्ययन सामग्री देखनी शुरू की. शिक्षाविद डॉ. विकास दिव्यकीर्ति के व्याख्यानों से भी उन्हें तैयारी की नई दिशा मिली. इसके बाद उन्होंने बिल्कुल शुरुआती स्तर से पढ़ाई शुरू की. शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन लगातार अभ्यास के साथ उनके नमूना परीक्षाओं के अंक बेहतर होने लगे.

पहले प्रयास में सफलता, फिर दोबारा आरएएस पास

बृजेश की मेहनत का परिणाम वर्ष 2023 में सामने आया. उन्होंने अपने पहले प्रयास में आरएएस परीक्षा पास की और सहकारिता विभाग में निरीक्षक बने. लेकिन उन्होंने इसे अपनी मंजिल नहीं माना. तैयारी जारी रखी और अगले वर्ष 2024 में फिर आरएएस परीक्षा पास कर ली. उनकी कहानी बताती है कि असफलता किसी व्यक्ति की अंतिम पहचान नहीं होती. सही दिशा, परिवार का भरोसा और लगातार मेहनत मिल जाए तो जिंदगी में कितनी भी बड़ी करवट लाई जा सकती है.