नई दिल्ली: खुशी कांटीवाल की सफलता ने राजस्थान की बेटियों के लिए नई मिसाल कायम की है. झुंझुनूं के छोटे से गांव गुढ़ा बावनी की रहने वाली खुशी का चयन ब्रिटेन की 135 साल पुरानी प्रतिष्ठित संस्था चिल्ड्रन्स नॉर्थ ईस्ट में संचार अधिकारी के पद पर हुआ है. उनकी इस उपलब्धि से परिवार और गांव में खुशी का माहौल है. खुशी के पिता गोपाल राम कांटीवाल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में उप कमांडेंट हैं और उन्हें राष्ट्रपति से पुलिस सेवा पदक भी मिल चुका है.
खुशी कांटीवाल झुंझुनूं जिले के गुढ़ा बावनी की खेदड़ों की ढाणी की रहने वाली हैं. उन्होंने अजमेर के सोफिया गर्ल्स कॉलेज से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. इसके बाद वर्ष 2023 में उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन चली गईं. ब्रिटेन में खुशी ने जनसंचार की पढ़ाई पूरी की. पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें न्यूकैसल स्थित चिल्ड्रन्स नॉर्थ ईस्ट संस्था में संचार अधिकारी के पद पर स्थायी नियुक्ति मिली है. यह उपलब्धि उनकी मेहनत और शिक्षा के प्रति समर्पण को दिखाती है.
चिल्ड्रन्स नॉर्थ ईस्ट ब्रिटेन की पुरानी सामाजिक संस्थाओं में शामिल है. इसकी स्थापना 1891 में हुई थी. संस्था बच्चों और परिवारों से जुड़े सामाजिक कार्यों के क्षेत्र में काम करती है. खुशी जल्द ही इस संस्था में संचार अधिकारी की जिम्मेदारी संभालेंगी. विदेश में इतनी प्रतिष्ठित संस्था में नौकरी मिलने से उनके गांव और पूरे उदयपुरवाटी क्षेत्र में गर्व का माहौल है.
खुशी के पिता गोपाल राम कांटीवाल केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल में उप कमांडेंट के पद पर कार्यरत हैं. वह वर्तमान में ओडिशा में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. देश सेवा के दौरान उनके योगदान को भी सम्मान मिला है. कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रपति की ओर से पुलिस सेवा पदक से सम्मानित किया जा चुका है. ऐसे परिवार से आने वाली खुशी की उपलब्धि को लोग विशेष रूप से गौरव का विषय मान रहे हैं.
उदयपुरवाटी के पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह गुढ़ा ने भी खुशी कांटीवाल की उपलब्धि पर बधाई दी. उन्होंने इसे पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बताया और खुशी के उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं. खुशी की कहानी यह बताती है कि छोटे गांव से निकलकर भी बेटियां अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना सकती हैं. पिता की राष्ट्रसेवा और बेटी की विदेश में उपलब्धि ने कांटीवाल परिवार को एक साथ दो गौरवपूर्ण पहचान दी हैं.
खुशी की सफलता की खबर सामने आने के बाद गुढ़ा बावनी और आसपास के इलाकों में लोगों ने परिवार को बधाई दी. ग्रामीणों का कहना है कि उनकी उपलब्धि गांव की बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करेगी.