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Inspiring Journey: लोग कहते थे मेवात से अपराधी निकलते हैं, बेटे ने IPS बनकर बदल दी पूरे इलाके की सोच; मकसूद अहमद की कहानी

मेवात से निकलकर IPS अधिकारी बनने वाले मकसूद अहमद की कहानी संघर्ष और सोच बदलने की मिसाल है. इंजीनियरिंग के बाद उन्होंने CAT में 97 परसेंटाइल हासिल किया और HR में MBA किया.

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Edited By: Reepu Kumari
Inspiring Journey: लोग कहते थे मेवात से अपराधी निकलते हैं, बेटे ने IPS बनकर बदल दी पूरे इलाके की सोच; मकसूद अहमद की कहानी
Courtesy: Pinterest

मेवात: मेवात का नाम आते ही समाज में लंबे समय से कई नकारात्मक धारणाएं सुनने को मिलती रही हैं. इसी माहौल से निकलकर मकसूद अहमद ने अपनी अलग पहचान बनाई. उन्होंने कॉर्पोरेट नौकरी का रास्ता छोड़कर सिविल सेवा को चुना और आगे चलकर IPS अधिकारी बने. उनकी कहानी सिर्फ सरकारी नौकरी हासिल करने की नहीं, बल्कि उस सोच को चुनौती देने की है, जो किसी पूरे इलाके और वहां के युवाओं को एक ही नजर से देखती है.

मकसूद ने अपनी सफलता की यात्रा में इस धारणा का जिक्र किया कि मेवात से सिर्फ अपराधी निकल सकते हैं या यहां का लड़का केवल ऑटो चला सकता है. उन्होंने कहा कि वह इस सोच को बदलना चाहते थे. इसी उद्देश्य के साथ उन्होंने अपने करियर की दिशा बदली और सिविल सेवा की तैयारी में जुट गए. उनकी कामयाबी ने दिखाया कि किसी व्यक्ति की पहचान उसके इलाके से नहीं, बल्कि उसके काम और मेहनत से बनती है.

पढ़ाई में भी रहा शानदार प्रदर्शन

मकसूद अहमद की शैक्षणिक यात्रा भी मजबूत रही. उन्होंने शुरुआती पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से की. इसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन में इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की. पढ़ाई के बाद उन्होंने CAT परीक्षा दी और 97 परसेंटाइल स्कोर किया. इसके बाद उन्होंने HR में MBA की पढ़ाई पूरी की. शिक्षा और निजी क्षेत्र में करियर का रास्ता खुलने के बावजूद उनके मन में कुछ अलग करने की इच्छा बनी रही.

नौकरी छोड़कर 2013 में शुरू की UPSC की तैयारी

MBA के बाद मकसूद की नौकरी लग गई थी. लेकिन समाज के बारे में बनी नकारात्मक सोच को बदलने की इच्छा ने उन्हें एक बड़ा फैसला लेने के लिए प्रेरित किया. वर्ष 2013 में उन्होंने अपनी कॉर्पोरेट नौकरी छोड़ दी और सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी. लंबे अंतराल के बाद बिना किसी खास अध्ययन पृष्ठभूमि के UPSC की तैयारी करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने अपनी रणनीति पर काम किया और आगे बढ़ते रहे.

पहले प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचे, फिर भी नहीं हुआ चयन

UPSC की तैयारी के दौरान मकसूद को पहली बड़ी निराशा तब मिली, जब वह पहले प्रयास में इंटरव्यू तक पहुंचने के बावजूद चयनित नहीं हो सके. इस असफलता का असर उन पर पड़ा, लेकिन उन्होंने खुद को संभाला. इसके बाद उन्होंने दोबारा तैयारी शुरू की. अपनी गलतियों को समझते हुए उन्होंने पढ़ाई की रणनीति में बदलाव किया और अगले प्रयास के लिए खुद को पहले से बेहतर तरीके से तैयार किया.

दूसरे प्रयास में IRTS मिला, लेकिन मंजिल IPS थी

दूसरे प्रयास में मकसूद अहमद ने बिना किसी कोचिंग के सफलता हासिल की और उनका चयन इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस यानी IRTS के लिए हुआ. हालांकि, उनका लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ था. उन्होंने IPS बनने का सपना नहीं छोड़ा और फिर UPSC परीक्षा दी. लगातार प्रयास के बाद आखिरकार वह 2016 बैच के हरियाणा कैडर के IPS अधिकारी बने और अपने सपने को साकार किया.

मकसूद की कहानी युवाओं को देती है बड़ा संदेश

मकसूद अहमद की यात्रा का सबसे बड़ा संदेश यही है कि परिस्थितियां और समाज की धारणाएं किसी की मंजिल तय नहीं करतीं. वह युवाओं को अपनी रुचि के आधार पर ऑप्शनल विषय चुनने और अपने काम से लगाव रखने की सलाह देते हैं. उनका मानना है कि जब व्यक्ति अपने काम को लेकर गंभीर और समर्पित होता है, तो बड़ी उपलब्धियों की राह खुलती है. आज उनकी कहानी कई युवाओं के लिए प्रेरणा बनी हुई है.