नई दिल्ली: अमेरिका हेल्थकेयर करियर के लिए दुनिया भर के छात्रों का पसंदीदा गंतव्य बना हुआ है. खासकर नर्सिंग के क्षेत्र में अच्छी सैलरी और बेहतर अवसरों की वजह से भारतीय युवा भी यहां पढ़ाई के लिए आकर्षित हो रहे हैं. लेकिन पढ़ाई का खर्च जानकर कई छात्रों के होश उड़ जाते हैं. फिर भी जो छात्र लंबे समय की सोच रखते हैं, उनके लिए यह निवेश फायदेमंद साबित होता है. आइए समझते हैं कि अमेरिका में नर्सिंग की पढ़ाई का असली खर्च कितना है और बाद में कितनी कमाई हो सकती है.
आईडीपी एजुकेशन के अनुसार, अमेरिका में बैचलर ऑफ साइंस इन नर्सिंग (BSN) प्रोग्राम की फीस संस्थान पर निर्भर करती है. सरकारी यूनिवर्सिटी चुनने पर छात्र को 34.4 लाख से 46.5 लाख रुपये तक ट्यूशन फीस देनी पड़ सकती है. प्राइवेट यूनिवर्सिटी में यह खर्च 92.9 लाख रुपये से भी ज्यादा हो जाता है.
पढ़ाई के अलावा रहने और खाने का खर्च भी काफी है. सालाना 13.9 लाख से 20.4 लाख रुपये सिर्फ लिविंग एक्सपेंस में लग सकते हैं. किताबें, स्वास्थ्य बीमा, वीजा और अन्य छोटे-मोटे खर्च मिलाकर 1 लाख से 2.5 लाख रुपये अतिरिक्त लगते हैं. कुल मिलाकर यह एक बड़ा वित्तीय फैसला है.
अमेरिका में रजिस्टर्ड नर्स की औसत सालाना सैलरी करीब 87 लाख रुपये है. अनुभव और विशेषज्ञता बढ़ने पर नर्स प्रैक्टिशनर जैसे पदों पर यह 1.2 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है. अच्छी सैलरी और स्थिर करियर की वजह से यह निवेश लंबे समय में अच्छा रिटर्न देता है.
भारतीय छात्रों को नर्सिंग कोर्स से पहले फीस, रहन-सहन और भविष्य की कमाई का पूरा हिसाब जरूर लगाना चाहिए. सही प्लानिंग के साथ यह सपना न सिर्फ पूरा हो सकता है बल्कि अच्छी आय का जरिया भी बन सकता है.
हालांकि शुरुआती खर्च ज्यादा है, लेकिन अमेरिका में नर्सिंग जॉब की मांग लगातार बढ़ रही है. अच्छी सैलरी और प्रोफेशनल ग्रोथ के मौके इसे कई छात्रों के लिए आकर्षक विकल्प बनाते हैं.