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आखिरी सेमेस्टर में छोड़ी BTech, अब लाखों में कमाई... सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस

आईआईटी को सफलता की अंतिम मंजिल मानने वाली सोच पर एक युवक की सोशल मीडिया पोस्ट ने बहस छेड़ दी है. बीटेक छोड़ने का दावा करने वाले युवक ने कहा कि आज उसकी कमाई कॉलेज के सबसे बड़े प्लेसमेंट पैकेज से भी अधिक है.

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आखिरी सेमेस्टर में छोड़ी BTech, अब लाखों में कमाई... सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस
Courtesy: AI Generated

नई दिल्ली: देश में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले लाखों छात्रों के लिए आईआईटी में प्रवेश सबसे बड़ा सपना माना जाता है. लेकिन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वायरल हुई एक पोस्ट ने इस धारणा पर नई बहस छेड़ दी है. खुद को बीटेक ड्रॉपआउट बताने वाले एक युवक ने दावा किया कि उसने डिग्री पूरी नहीं की, फिर भी आज उसकी मासिक आय लाखों रुपये है. उसका कहना है कि करियर में आगे बढ़ने के लिए केवल कॉलेज का नाम नहीं, बल्कि कौशल और अनुभव अधिक मायने रखते हैं.

एक्स पर पोस्ट साझा करने वाले लवन्या जैन ने लिखा कि उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग की पढ़ाई अंतिम सेमेस्टर में छोड़ दी थी. उनके मुताबिक, यह फैसला उनके जीवन का सबसे अच्छा निर्णय साबित हुआ. उन्होंने कहा कि कॉलेज की डिग्री अधूरी रहने के बावजूद उन्होंने अपने करियर में नई दिशा तलाश ली.

मासिक आय को लेकर किया बड़ा दावा

लवन्या जैन ने दावा किया कि वह पार्ट टाइम कॉन्ट्रैक्टर के रूप में काम करते हैं और हर महीने लगभग 4.86 लाख रुपये कमाते हैं. अपने दावे के समर्थन में उन्होंने बैंक खाते में प्राप्त दो भुगतान के स्क्रीनशॉट भी साझा किए. इनमें लगभग 3.74 लाख और 1.12 लाख रुपये की राशि दिखाई गई. हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.

'आईआईटी सिर्फ एक टैग है'

अपनी पोस्ट में उन्होंने लिखा कि उनका उद्देश्य अपनी कमाई का प्रदर्शन करना नहीं है. उनका कहना था कि आईआईटी निश्चित रूप से बेहतर नेटवर्क और पहचान देता है, लेकिन सफलता का आधार केवल संस्थान नहीं होता. उन्होंने यह भी लिखा कि आज उनके साथ आईआईटी से पढ़े लोग भी काम कर रहे हैं. इस टिप्पणी ने सोशल मीडिया पर व्यापक चर्चा छेड़ दी.

बदलती नौकरी की दुनिया का संकेत

तकनीकी क्षेत्र में पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बदलाव आया है. रिमोट वर्क, फ्रीलांसिंग, ग्लोबल कॉन्ट्रैक्ट और डिजिटल प्लेटफॉर्म ने लोगों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं. ऐसे माहौल में कई पेशेवर पारंपरिक कैंपस प्लेसमेंट के बजाय अपने कौशल और अनुभव के दम पर आगे बढ़ रहे हैं.

सोशल मीडिया पर छिड़ी नई बहस

यह पोस्ट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं. कुछ लोगों ने इसे प्रेरणादायक बताया, जबकि कई यूजर्स का कहना था कि आईआईटी जैसी संस्थाएं अब भी बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराती हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि आज के दौर में डिग्री और संस्थान के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल, लगातार सीखने की क्षमता और अनुभव भी सफलता के महत्वपूर्ण आधार बन चुके हैं.