न्यूयॉर्क में 29 अगस्त को होने वाले RSS प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम से पहले सोशल मीडिया पर एक नया विवाद सामने आया. कार्यक्रम के आयोजक AHEAD फोरम का X अकाउंट कुछ समय के लिए उपलब्ध नहीं था. बाद में अकाउंट बहाल हुआ और आयोजकों ने X सपोर्ट का धन्यवाद किया.
AHEAD फोरम का X अकाउंट गुरुवार को कुछ समय तक यूजर्स को दिखाई नहीं दे रहा था. अकाउंट वापस आने के बाद आयोजकों ने पोस्ट कर दावा किया कि कुछ विरोधियों ने बॉट की मदद से X के सिस्टम को प्रभावित करने और उनके हैंडल को ब्लॉक कराने की कोशिश की. हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है. आयोजकों ने अकाउंट बहाल करने के लिए X सपोर्ट को धन्यवाद दिया और कहा कि अब उनका ध्यान सार्वभौमिक सद्भाव और एकता के संदेश पर रहेगा. यह घटनाक्रम भागवत के न्यूयॉर्क कार्यक्रम को लेकर चल रही चर्चा के बीच हुआ है.
We are back up! 🚀
We got “botted” by misguided opponents who tried to game the X algorithm and get our handle blocked.
A big thank you to @X @Support for the prompt response, restoring our account and clearing out the bots.
Now, back to what really matters: celebrating…— AHEAD Forum (@Aheadforum1) August 27, 2026Also Read
मोहन भागवत का कार्यक्रम 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित होना है. कार्यक्रम से पहले न्यूयॉर्क के मेयर ज़ोहरान ममदानी ने RSS और इस आयोजन के प्रति अपना विरोध जाहिर किया था. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि शहर की सरकार के पास किसी निजी कार्यक्रम को रद्द करने का अधिकार नहीं हो सकता. ममदानी ने RSS की विचारधारा को लेकर चिंता जताई और कहा कि वे ऐसी सोच का समर्थन नहीं करते, जिसे वे समाज के कुछ वर्गों को अलग रखने वाली मानते हैं. उन्होंने अपने भारतीय-अमेरिकी परिवार और भारत में विविधता के अनुभव का भी जिक्र किया.
भागवत की यात्रा को लेकर अमेरिका में धार्मिक स्वतंत्रता से जुड़ी संस्था USCIRF के कुछ सदस्यों ने भी सवाल उठाए हैं. एक रिपोर्ट के अनुसार, संस्था के सदस्यों ने अमेरिकी सरकार से भागवत को राजनयिक स्तर की सुविधा नहीं देने और RSS पर प्रतिबंध लगाने की मांग की. USCIRF ने RSS से जुड़े संगठनों पर धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के आरोप लगाए हैं. इन आरोपों के बाद भारत के विदेश मंत्रालय ने USCIRF को पक्षपाती बताया और कहा कि संस्था का भारत को लेकर भड़काऊ बयान देने का पुराना रिकॉर्ड रहा है. इस पूरे विवाद के बीच अब AHEAD का X अकाउंट बहाल होना कार्यक्रम से पहले एक और चर्चा का विषय बन गया है.