नेपाल में अचानक आई बाढ़ और भूस्खलन के बाद हालात बेहद गंभीर हैं. एक वायरल वीडियो में पानी की तेज धार के साथ भारी चट्टान बहती नजर आ रही है. बाढ़ के कारण कई इलाकों में सड़कें और पुल टूट गए हैं. सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं.
नेपाल में आई भीषण बाढ़ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है. इसमें पानी का तेज बहाव एक बड़ी चट्टान को अपने साथ बहाकर ले जाता दिखाई दे रहा है. यह बताता है कि पहाड़ी इलाकों में अचानक बढ़ा पानी कितना ताकतवर हो सकता है. नेपाल पुलिस के अनुसार बुधवार को आई भीषण बाढ़ के बाद अब तक 359 शव बरामद किए जा चुके हैं. गुरुवार शाम 5 बजे तक चितवन जिले में सबसे ज्यादा 132 शव मिले हैं. करीब 1,500 लोगों की तलाश जारी है. इनमें 288 भारतीय नागरिक भी शामिल है.
NEPAL FLOOD: A BOULDER MOVING WITH SHEER FORCE OF WATER, NEPAL IS DESTROYED BY THIS NATURAL CALAMITY. pic.twitter.com/suT3Qx5btd
— Ashutosh Rai (@AshutoshRai__) August 27, 2026Also Read
राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक करीब 1,500 लोग अभी लापता हैं. इनमें नेपाल सेना के 44 जवान, नेपाल पुलिस के 28 कर्मी और सशस्त्र पुलिस बल के 13 जवान शामिल हैं. जलविद्युत परियोजनाओं और सीमा शुल्क कार्यालयों में काम करने वाले करीब 162 लोगों से भी संपर्क नहीं हो पाया है. अधिकारियों के अनुसार 579 पर्यटकों का भी अभी पता नहीं चला है. इनमें विदेशी नागरिक भी शामिल हैं. कई लोग कैलाश मानसरोवर और गोसाईंकुंड की यात्रा पर थे. नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि लापता पर्यटकों में करीब 300 भारतीय नागरिक भी हो सकते हैं.
प्रारंभिक जांच में नेपाल-चीन सीमा के पास हुए हिमस्खलन को बाढ़ की बड़ी वजह माना जा रहा है. आशंका है कि हिमस्खलन से निकले मलबे ने ल्हेंदे नदी का रास्ता रोक दिया और पानी का दबाव बढ़ने के बाद अचानक तेज बहाव शुरू हो गया. इसका असर भोटेकोशी और त्रिशुली नदी पर भी पड़ा. बाढ़ से मध्य नेपाल में 35 मोटर वाहन पुल, 45 झूला पुल और करीब 40 किलोमीटर पक्की सड़क को नुकसान पहुंचा है. रसुवा के तिमुरे से 123 लोगों को सुरक्षित निकाला गया. कई सड़कें मलबे और चट्टानों के कारण बंद हैं. काठमांडू-मुगलिंग राष्ट्रीय राजमार्ग समेत कई प्रमुख रास्तों पर यातायात रोक दिया गया है.