क्या परमाणु निरीक्षण पर मानेगा ईरान या रुक जाएगी बातचीत? राष्ट्रपति ट्रंप ने दिया अपडेट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि यदि ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों को जांच की अनुमति नहीं देता, तो अमेरिका उसके साथ जारी बातचीत को रोक सकता है. हालांकि ट्रंप का दावा है कि मौजूदा शांति वार्ता के तहत तेहरान निरीक्षण के लिए तैयार है.
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर 60 दिनों तक चलने वाली बातचीत शुरू हो चुकी है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने दावा किया है कि ईरान अगर इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी को परमाणु जांच करने की इजाजत नहीं देता है, तो अमेरिका उसके साथ चल रही बातचीत को रोक देगा.
राष्ट्रपति ने यह भी कहा है कि मौजूदा बातचीत के तहत ईरान इसकी इजाजत देने के लिए तैयार है. ट्रंप ने यह बात मंगलवार को पेंसिल्वेनिया में मैक ट्रक्स फैसिलिटी के दौरे के दौरान कही है. इस दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने उन सुझावों को खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था कि ईरान ने UN के परमाणु निगरानी निरीक्षकों को देश में आने देने का वादा नहीं किया है.
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?
ट्रंप ने परमाणु निगरानी निरीक्षकों की तैनाती के बारे में किए गए सवालों का जवाब देते हुए कहा कि वे गलत हैं, वे भी जानते हैं कि वे गलत हैं. हमारे पास जांच के लिए 100 प्रतिशत सहमति दर्ज है और अगर वे सही होते तो मैं सभी बैठकें रद्द कर देता. हालांकि जब उनसे यह पूछा गया कि यह जांच कब शुरू होगी तो उन्होंने कहा कि हम कोई जल्दबाजी नहीं करेंगे, सही समय आने पर वे मौके पर मौजूद होंगे. उन्होंने ईरान के साथ चल रही बातचीत के बारे में कहा कि तेहरान के साथ बातचीत सकारात्म दिशा में आगे बढ़ रही है. साथ ही उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान अभी मोल-भाव करने की स्थिति में नहीं है. वे बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं.
Also Read
राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दोनों देशों के बीच 14-सूत्रीय समझौता ज्ञापन के तहत चल रहे बातचीत को सकारात्मक बताते हुए होर्मुज से तेल ढुलाई का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि आप सबने सुना होगा कि हमारे पास कल 19 बैरल तेल आया है और यह होर्मुज के इतिहास में सबसे बड़ी मात्रा है. उन्होंने वाशिंगटन के रुख को दोहराते हुए कहा कि उनके पास परमाणु हथियार नहीं होगा.
अमेरिका द्वारा किए गए हमले में उनके सैन्य क्षमताओं को भारी नुकसान पहुंचा है. हम उन्हें ऐसी स्थिति में ला दिए हैं, जहां उन्हें पहले कोई नहीं ला पाया था. उन्होंने कहा कि यह काम दूसरे राष्ट्रपतियों को 47 साल पहले ही कर लेना चाहिए था. हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी दावा किया कि भविष्य में होने वाले किसी भी आर्थिक समझौते में देश की मानवीय जरूरतों का ध्यान रखा जाएगा.