कौन हैं जोरैन निजामानी? पाकिस्तानी युवा के वायरल ओप-एड ने छेड़ी नई बहस
पाकिस्तान का एक स्कॉलर सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हो रहा है. जोरैन निजामानी नाम के इस युवा छात्र ने अपने एक लेख में पाकिस्तान की सच्चाई बताई, जिसके बाद उनके लेख को सोशल मीडिया से डिलीट कर दिया गया.
नई दिल्ली: पाकिस्तान का एक जेन-जी सोशल मीडिया पर काफी छाया हुआ है. अमेरिका में रहने वाले इस युवा का नाम है जोरैन निजामानी है. जोरैन PhD स्टूडेंट और टीवी स्टार्स के बेटे हैं. उन्होंने यह लोकप्रियता अपनी एक आर्टिकल से पाई है. उन्होंने अपना ओपिनयन 'इट इज ओवर' पब्लिश करवाया था, जिसके कुछ ही घंटों बाद वह चर्चे में आ गए.
जोरैन निजामानी तब और भी ज्यादा चर्चे में आने लगे जब एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने कुछ ही घंटों के भीतर उनके इस आर्टिकल को डिलीट कर दिया. इस आर्टिकल में जोरैन ने पाकिस्तान की सच्चाई बताई थी. इतना ही नहीं उन्होंने अपने साथ-साथ पूरे जेन-जी समुदाय की ओर से पाकिस्तान के आलाकमानों पर हमला बोला था.
कुछ घंटों में आर्टिकल डिलीट होने से मचा बवाल
जोरैन निजामानी यूनिवर्सिटी ऑफ अर्कांसस एट लिटिल रॉक में क्रिमिनोलॉजी में PhD कर रहे हैं. उन्होंने 1 जनवरी, 2026 को एक्सप्रेस ट्रिब्यून के ओपिनियन पीस में लेख लिखा था. जिसे कुछ ही घंटों के भीतर डिलीट कर दिया गया. हालांकि उसके स्क्रीनशॉट वायरल हो गए. इसी के साथ वह Gen Z के विरोध का प्रतीक बन गए. माना जा रहा है कि इस आर्टिकल को मिलिट्री दबाव के कारण हटाया गया. इस आर्टिकल में उन्होंने पाकिस्तान के सत्ता में बैठे बूढ़े पुरुषों और महिलाओं का युवाओं पर प्रभाव खत्म होने की घोषणा की गई थी. उन्होंने सरकार पर अप्रत्यक्ष रूप से हमला करते हुए कहा कि आज के जेन-जी सबकुछ जानते हैं और उन्हें फोर्स नहीं किया जा सकता है.
पाकिस्तान के जेन-जी की भावना
सोशल मीडिया पर तेजी से फेमस हो रहे जोरैन ने पाकिस्तान के स्कूलों में जाकर भाषण देने वाले नेताओं पर भी हमला बोला था. उन्होंने कहा कि कभी सेमिनारों और भाषणों से देशभक्ति की भावना नहीं भरी जा सकती है. देश के लोग तभी सच्ची वफादारी निभाते हैं जब उनका देश उन्हें अवसर, इंफ्रास्ट्रक्चर देता है और उनके अधिकारों की रक्षा भी करता है. उन्होंने कहा कि आज के युवा तेज इंटरनेट और फ्रीलांसिंग की आजादी चाहते हैं, लेकिन ऊपर बैठे लोग इसे देने के बजाए विदेश भाग जाते हैं. उनके लेख को कुछ ही घंटों में डिलीट कर दिया गया, जिसके वजह से और भी ज्यादा चर्चे में आ आए. हालांकि बाद में निजामानी ने अपने लेख को लेकर कहा कि यह मेरे व्यक्तिगत विचार हैं इसका राजनीति से कोई भी संबंध नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि इससे मेरा अपमान का कोई इरादा नहीं था, इसे तोड़-मोड़ कर पेश किया जा रहा है.