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क्या है डिसकॉम्बोबुलेटर? ट्रम्प ने बताया मादुरो को पकड़ने के लिए इस्तेमाल किए गए गुप्त हथियार का राज

यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि एक सीक्रेट हथियार 'डिसकॉम्बोबुलेटर' का उपयोग वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने में किया गया. इससे रक्षात्मक उपकरण विफल रहे और ऑपरेशन सफल हुआ.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हाल के इंटरव्यू में खुलासा किया है कि जनवरी की शुरुआत में वेनेज़ुएला की राजधानी कैराकस में किए गए ऑपरेशन में एक रहस्यमयी हथियार 'डिसकॉम्बोबुलेटर' का इस्तेमाल हुआ. इसी उपकरण के कारण मादुरो के रक्षात्मक हथियार और रडार सिस्टम काम नहीं कर सके और अमेरिकी सैनिक बिना किसी हताहत के सफल रहे. ट्रम्प ने कहा कि वह इसके बारे में और नहीं बता सकते, लेकिन इस तकनीक ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

डिसकॉम्बोबुलेटर का रहस्य

ट्रम्प के अनुसार 'डिसकॉम्बोबुलेटर' एक सीक्रेट हथियार है जिसे अमेरिकी बलों ने वेनेज़ुएला ऑपरेशन में तैनात किया. ट्रम्प ने बताया कि इस उपकरण ने दुश्मन के रडार और रॉकेट सिस्टम को निष्क्रिय कर दिया. उन्होंने कहा कि रूसी और चीनी रॉकेटों को सक्रिय करने की कोशिश भी नहीं हो सकी क्योंकि वे तकनीक काम ही नहीं कर रही थी. ट्रम्प ने कहा कि उन्हें इसके बारे में बात करने की अनुमति नहीं है.

ऑपरेशन के दौरान घटित घटनाएं

एक गार्ड ने बताया कि अचानक रडार सिस्टम बिना किसी चेतावनी के बंद हो गए और इसके कुछ ही समय बाद ड्रोन तथा अमेरिकी हेलीकॉप्टर दिखाई दिए. उसने यह भी अनुभव किया कि अजीब ऊर्जा या ध्वनि तरंगें जैसे 'डिसकॉम्बोबुलेटर' से निकलीं, जिससे सिर में जोरदार दबाव महसूस हुआ तथा कई लोग नाक से खून आने जैसे लक्षण दिखाने लगे. इससे विरोध करने की क्षमता समाप्त हो गई.

ऑपरेशन की सफलता और मादुरो की गिरफ्तारी

जनवरी 3 को अमेरिकी अभियान में लगभग दस हेलीकॉप्टर और 20 अमेरिकी सैनिक शामिल थे. इस ऑपरेशन में मादुरो और उनकी पत्नी सिसिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया गया. ट्रम्प ने बताया कि इस हथियार की मदद से कोई अमेरिकी सैनिक प्रभावित नहीं हुआ. मादुरो को बाद में न्यूयॉर्क में नशीले पदार्थ और आतंकवाद से जुड़े गंभीर आरोपों के तहत रखा गया है.

तकनीक और संभावित प्रभाव

फिलहाल 'डिसकॉम्बोबुलेटर' के तकनीकी विवरण सार्वजनिक नहीं किए गए हैं और इसके वास्तविक विज्ञान पर भी बहस चल रही है. कुछ रिपोर्टों में इसे एक इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीक या ध्वनि/ऊर्जा आधारित उपकरण बताया गया है जो दुश्मन के हथियारों और संचार को बाधित कर सकता है. विशेषज्ञों के अनुसार इससे रडार और हथियार प्रणालियों को अस्थायी रूप से अक्षम करना संभव हो सकता है.