CBI का अफसर ही निकला घूसखोर, जांच एजेंसी ने रिश्वत मांगने के आरोप में दबोचा; संदिग्ध दस्तावेज जब्त

जांच के दौरान CBI ने आरोपी इंस्पेक्टर के घर की तलाशी भी ली. तलाशी के दौरान कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं.

Anuj

नई दिल्ली: भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपने ही एक इंस्पेक्टर को रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है. यह कार्रवाई 10 मार्च को दिल्ली में की गई. गिरफ्तार अधिकारी की पहचान दीपक फाल्सवाल के रूप में हुई है. एजेंसी ने इस मामले में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है.

शिकायत के बाद शुरू हुई जांच

जानकारी के अनुसार, एक व्यक्ति ने CBI में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसके खिलाफ दर्ज मामले में कार्रवाई न करने के बदले संबंधित इंस्पेक्टर ने उससे रिश्वत की मांग की थी. शिकायत मिलने के बाद एजेंसी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक जांच की और पर्याप्त सबूत जुटाए. 

घर की तलाशी में मिले दस्तावेज

जांच के दौरान CBI ने आरोपी इंस्पेक्टर के घर की तलाशी भी ली. तलाशी के दौरान कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं. एजेंसी इन सभी सामग्रियों की जांच कर रही है ताकि मामले से जुड़े और सबूत सामने आ सके.

कोर्ट ने दो दिन की रिमांड पर भेजा

गिरफ्तारी के बाद आरोपी इंस्पेक्टर को अदालत में पेश किया गया. कोर्ट ने आगे की पूछताछ और जांच के लिए उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. इस दौरान CBI उससे मामले से जुड़े अन्य पहलुओं के बारे में पूछताछ करेगी.

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का संदेश

CBI का कहना है कि एजेंसी भ्रष्टाचार के मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतती, चाहे आरोपी कोई भी हो. एजेंसी के मुताबिक, इस तरह की कार्रवाई से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश जाता है और लोगों का भरोसा जांच एजेंसियों पर मजबूत होता है.

CBI ने बायन किया जारी

इस मामले की जानकारी CBI ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर साझा की है. अपने बयान में एजेंसी ने बताया कि करप्शन के खिलाफ अपनी जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी को आगे बढ़ाया है. ईमानदारी और निष्पक्षता के अपने मुख्य मूल्यों को बनाए रखे हैं. सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने दिल्ली में तैनात अपने ही इंस्पेक्टर को रिश्वत के एक मामले में गिरफ्तार किया है.

CBI ने यह केस इस आरोप पर दर्ज किया कि आरोपी इंस्पेक्टर ने कथित तौर पर कार्रवाई न करने के लिए एक व्यक्ति से रिश्वत मांगी थी. आरोपी के घर की तलाशी ली गई और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स समेत आपत्तिजनक डॉक्यूमेंट्स जब्त किए गए. गिरफ्तार आरोपी को सक्षम कोर्ट में पेश किया गया और कोर्ट ने आगे की जांच के लिए आरोपी को दो दिन की पुलिस रिमांड दे दी है.