'हम हमलावर का हाथ काट देंगे', ट्रंप की धमकी के बाद ईरान ने दी चेतावनी

मेजर जनरल हतामी ने सैन्य अकादमी के छात्रों को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि ईरान के राष्ट्र और नेतृत्व के खिलाफ खतरों को अनदेखा नहीं किया जाएगा.

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Gyanendra Sharma

दुबई: आर्थिक कठिनाइयों और राजनीतिक शिकायतों को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों के दूसरे सप्ताह में प्रवेश करने के साथ ही ईरान में अशांति बढ़ती जा रही है. सोशल मीडिया पर प्रसारित फुटेज में बोजनौर्द, करमान, राश्त, शिराज, तब्रीज और छोटे शहरों में फैलते प्रदर्शन दिखाई दे रहे हैं, जो शासन की नीतियों और आर्थिक पतन के प्रति व्यापक आक्रोश को उजागर करते हैं.

असंतोष को कम करने के प्रयास में ईरानी सरकार ने देशभर में परिवारों के मुखियाओं को 10 मिलियन रियाल (लगभग 7 डॉलर) की नई सब्सिडी वितरित करना शुरू कर दिया है, जो पिछली राशि से दोगुने से भी अधिक है. इसके बावजूद, खाना पकाने के तेल, मुर्गी और पनीर जैसी आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से परिवारों पर दबाव बना हुआ है. रियाल का मूल्य अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 14 लाख से अधिक गिर गया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के चलते आर्थिक संकट और भी गहरा गया है.

'हम किसी भी हमलावर का हाथ काट देंगे'

मेजर जनरल हतामी ने सैन्य अकादमी के छात्रों को संबोधित करते हुए इस बात पर जोर दिया कि ईरान के राष्ट्र और नेतृत्व के खिलाफ खतरों को अनदेखा नहीं किया जाएगा. उन्होंने कहा, “यदि शत्रु कोई गलती करता है, तो उसे और भी निर्णायक प्रतिक्रिया का सामना करना पड़ेगा, और हम किसी भी हमलावर का हाथ काट देंगे.” इज़राइल के साथ जून युद्ध में कई शीर्ष कमांडरों की जान जाने के बाद, हतामी दशकों में ईरान के आर्टेश का नेतृत्व करने वाले पहले नियमित सैन्य अधिकारी हैं.

मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, 28 प्रांतों के 310 स्थानों पर 2,100 से अधिक गिरफ्तारियों के साथ कम से कम 36 लोगों की मौत हुई है, जिनमें चार बच्चे और दो सुरक्षाकर्मी शामिल हैं. अधिकारियों ने बढ़ते हुए अशांति की चेतावनियों के बीच प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई जारी रखी है.

ईरान में हो रहा विरोध प्रदर्शन

हातामी के ये बयान ट्रंप की उस टिप्पणी के बाद आए  हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर ईरान शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिंसक रूप से दबाता है तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा. तेहरान के लंबे समय से सहयोगी रहे वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर अमेरिकी हमले के बाद इन टिप्पणियों को प्रमुखता मिली है. ईरान इस स्थिति को "पूर्ण आर्थिक युद्ध" बता रहा है और अधिकारी भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचार विरोधी नीतियों से निपटने के लिए व्यवस्थागत सुधारों की मांग कर रहे हैं.

हालांकि ईरान की ओर से हमले के तत्काल कोई संकेत नहीं हैं, लेकिन हातामी की चेतावनी से बाहरी खतरों का सामना करने के लिए तेहरान की तत्परता स्पष्ट होती है. ये विरोध प्रदर्शन देश की घरेलू स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय दबाव के प्रति उसकी प्रतिक्रिया दोनों की परीक्षा ले रहे हैं.