नई दिल्ली: अमेरिका और फ्रांस के रिश्तों से जुड़ा एक नया विवाद सामने आया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रिपब्लिकन सांसदों के सामने दावा किया कि उन्होंने फ्रांस पर दबाव डालकर वहां प्रिस्क्रिप्शन दवाओं की कीमतें बढ़वाईं. ट्रम्प के अनुसार अमेरिका में दवाएं फ्रांस की तुलना में कई गुना महंगी थीं, जिसे वह अनुचित मानते हैं. उन्होंने कहा कि टैरिफ की सख्त चेतावनी के बाद फ्रांस को झुकना पड़ा. हालांकि फ्रांस की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.
डोनाल्ड ट्रम्प ने बताया कि उन्होंने निजी बातचीत में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों से दवाओं की कीमतों का मुद्दा उठाया था. ट्रम्प के अनुसार उन्होंने कहा कि अमेरिकी नागरिक फ्रांस के मुकाबले करीब 14 गुना ज्यादा कीमत चुकाते हैं. उनका तर्क था कि यह अंतर अनुचित है और फ्रांस को अपनी कीमतें बढ़ानी चाहिए. ट्रम्प के मुताबिक शुरुआत में मैक्रों ने इस मांग को मानने से इनकार कर दिया था.
ट्रम्प ने दावा किया कि इसके बाद उन्होंने फ्रांस को चेतावनी दी कि अगर दवाओं की कीमतें नहीं बढ़ाई गईं तो अमेरिका फ्रांसीसी उत्पादों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाएगा. इसमें वाइन और शैंपेन जैसे मशहूर उत्पाद भी शामिल थे. ट्रम्प के अनुसार इस धमकी ने मैक्रों का रुख बदल दिया. उन्होंने मजाकिया अंदाज में मैक्रों की नकल करते हुए कहा कि फ्रांस कीमतें बढ़ाने को तैयार हो गया.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इस समझौते के बाद फ्रांस में एक गोली की कीमत 10 डॉलर से बढ़कर 30 डॉलर हो गई. वहीं उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान अमेरिका में दवाओं की कीमतें घटीं. ट्रम्प ने यह भी कहा कि जिस टैरिफ की उन्होंने धमकी दी थी, वह उस मूल्य वृद्धि से 42 गुना ज्यादा महंगा होता. उनका कहना था कि यह सौदा अमेरिका के हित में साबित हुआ.
ट्रम्प ने यह भी दावा किया कि फ्रांस अकेला देश नहीं था. उनके अनुसार कई अन्य देशों ने भी अमेरिकी टैरिफ की धमकी मिलते ही दवाओं की कीमतें बढ़ाने पर सहमति दे दी. ट्रम्प ने कहा कि कुछ देशों के नेताओं ने औसतन 3.2 मिनट के भीतर अपनी कीमतें चार गुना तक बढ़ाने की हामी भर दी. उन्होंने इसे अमेरिका की कड़ी नीति का असर बताया.
इन बयानों के साथ ट्रम्प ने अपनी मोस्ट फेवर्ड नेशन नीति का भी जिक्र किया. इस नीति के तहत अमेरिका में मेडिकेयर के लिए दवाओं की कीमतें अन्य विकसित देशों में सबसे कम दरों से जोड़ी जाएंगी. ट्रम्प का दावा है कि इससे दवाओं के दाम 400 से 600 प्रतिशत तक घटे हैं. उन्होंने यह भी घोषणा की कि जनवरी से कम कीमत वाली दवाएं एक नई सरकारी वेबसाइट TrumpRx.gov पर उपलब्ध होंगी. फिलहाल मैक्रों या फ्रांसीसी सरकार की ओर से ट्रम्प के दावों पर कोई जवाब नहीं आया है.