नई दिल्ली: पिछले साल पाकिस्तान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जब हमास के नेता पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों के बीच नजर आए थे, उसके कुछ ही महीनों बाद पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था. अब एक बार फिर ऐसी ही गतिविधि सामने आई है. ताजा जानकारी के मुताबिक, हमास के वरिष्ठ नेताओं और पाकिस्तान में सक्रिय आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के कमांडरों के बीच एक बैठक हुई है. यह बैठक पाकिस्तान में आयोजित की गई थी.
इस बैठक से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है. वीडियो में हमास का सीनियर कमांडर नाजी जहीर पाकिस्तान के गुजरांवाला शहर में दिखाई दे रहा है. वह पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग यानी PMML के एक कार्यक्रम में शामिल हुआ था. इसी मंच पर लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े कमांडर राशिद अली संधू भी मौजूद था. PMML को लश्कर-ए-तैयबा का राजनीतिक चेहरा माना जाता है. हालांकि, यह साफ नहीं हो पाया है कि यह कार्यक्रम कब आयोजित हुआ था, लेकिन वीडियो से यह पुष्टि होती है कि दोनों नेता एक ही मंच पर नजर आए.
Hamas commander attended Lashkar terrorist function in Gujranwala, Pakistan
Israel will be watching this 😎pic.twitter.com/LYW81D9ZAL— Frontalforce 🇮🇳 (@FrontalForce) January 6, 2026Also Read
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मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नाजी जहीर इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुआ था, जबकि राशिद अली संधू PMML का सक्रिय नेता बताया जाता है. इस मुलाकात को साधारण कार्यक्रम नहीं माना जा रहा, क्योंकि इससे पहले भी हमास और पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के बीच संपर्क की खबरें सामने आती रही हैं.
नाजी जहीर का पाकिस्तान से पुराना और गहरा संबंध रहा है. बताया जाता है कि वह फरवरी 2025 में, पहलगाम आतंकी हमले से करीब दो महीने पहले पाकिस्तान पहुंचा था. उस दौरान वह पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर गया था, जहां उसने आतंकी संगठनों के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. गौर करने वाली बात यह है कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले का तरीका काफी हद तक 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमास के हमले से मिलता-जुलता बताया गया था.
इसी वजह से अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या पाकिस्तान में किसी नए बड़े आतंकी हमले की साजिश रची जा रही है? सुरक्षा विशेषज्ञ यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि हमास के नेता पाकिस्तानी आतंकियों के साथ किस तरह की रणनीति साझा कर रहे हैं. इससे पहले पीओके में नाजी जहीर ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के कमांडरों के साथ मंच साझा किया था और भारत विरोधी रैली को संबोधित किया था.
नाजी जहीर की पाकिस्तान यात्राओं का सिलसिला काफी पुराना है. वह जनवरी 2024 में कराची गया था, जहां उसने कराची प्रेस क्लब में भाषण दिया था. इसके बाद अप्रैल 2024 में वह इस्लामाबाद पहुंचा और वहां इस्लामाबाद प्रेस क्लब में उसे सम्मानित भी किया गया. हैरानी की बात यह है कि 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हुए हमले के ठीक एक हफ्ते बाद यानी 14 अक्टूबर को भी जहीर पाकिस्तान पहुंचा था. उस दौरान उसने पाकिस्तान की इस्लामिक राजनीतिक पार्टी जमीयत उलेमा-ए-इस्लाम के प्रमुख मौलाना फजल-उर-रहमान से मुलाकात की थी.
इन सभी घटनाओं को जोड़कर देखा जाए तो हमास और पाकिस्तानी आतंकी संगठनों के बीच बढ़ते संपर्क को नजरअंदाज करना मुश्किल है. यह स्थिति न सिर्फ भारत बल्कि पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर सवाल खड़े करती है.