'यह इराक जैसा अंतहीन युद्ध नहीं', ईरान पर हमले को लेकर अमेरिकी रक्षा मंत्री का बयान
अमेरिका और उसके सहयोगियों का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है.
मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने साफ कहा है कि ईरान पर चल रही सैन्य कार्रवाई इराक युद्ध जैसी लंबी या कब्जे वाली लड़ाई नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिका का लक्ष्य ईरान की सैन्य ताकत और परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करना है, न कि वहां सरकार बदलना या देश पर कब्जा करना. उनके मुताबिक, यह अभियान तेज और सीमित उद्देश्य वाला है. अमेरिका केवल मिसाइल, ड्रोन, नौसैनिक ताकत और परमाणु ठिकानों जैसे सैन्य लक्ष्यों को निशाना बना रहा है.
अभियान का मकसद परमाणु खतरे को रोकना
हेगसेथ ने कहा कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम और बढ़ती मिसाइल क्षमता दुनिया के लिए खतरा बन गई थी. उनका आरोप है कि ईरान पारंपरिक हथियारों के सहारे परमाणु हथियार विकसित करने की कोशिश कर रहा था. अमेरिका और उसके सहयोगियों का कहना है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना ही इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है.
सरकार बदलने का इरादा नहीं
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि यह “रिजीम चेंज” यानी सत्ता परिवर्तन का युद्ध नहीं है. उन्होंने कहा कि अमेरिका किसी देश पर कब्जा करने या नया शासन स्थापित करने की योजना नहीं बना रहा. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की मौजूदा नीतियों से दुनिया को खतरा था और सैन्य कार्रवाई उसी का जवाब है.
युद्ध कितने दिन चलेगा फैसला ट्रंप करेंगे
अभियान की अवधि को लेकर अमेरिका ने कोई समय सीमा तय नहीं की है. हेगसेथ ने कहा कि यह निर्णय केवल राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लेंगे कि कार्रवाई कब तक जारी रहेगी. उन्होंने कहा कि यह टकराव कई दशकों से चल रहे अमेरिका-ईरान विवाद का नतीजा है और अब अमेरिका इसे खत्म करने की स्थिति में है.