'उड़ता पंजाब' से 'रंगला पंजाब', पंजाब नशों के विरुद्ध दुनिया की सबसे योजनाबद्ध जंग लड़ रहा है: बलतेज पन्नू
मान सरकार की नशा विरोधी मुहिम ने एक वर्ष में 36,178 एफआईआर, 51,648 गिरफ्तारियां और बड़ी मात्रा में ड्रग्स बरामद की. जन भागीदारी, जोनल संरचना और रिहैब सेंटर सुधारों से पंजाब नशा मुक्त बन रहा है, पिछली सरकारों की नाकामी पर निशाना साधते हुए.
चंडीगढ़: मान सरकार के ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध मुहिम के एक साल पूरे होने पर, आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज और नशा मुक्ति मोर्चा के मुख्य प्रवक्ता बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब नशों के विरुद्ध ऐसी योजनाबद्ध और कई तरह की जंग लड़ रहा है. जिसकी दुनिया में कहीं कोई मिसाल नहीं है. मीडिया से बात करते हुए, बलतेज पन्नू ने इस मुहिम को एक ऐतिहासिक और जन आंदोलन करार दिया, जिसने नशे के खिलाफ लड़ाई को एक संगठित और नतीजे देने वाले मिशन में बदल दिया है.
आप पंजाब के पंजाब महासचिव और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा कि नशे की लत एक विश्वव्यापी खतरा है. हम मेक्सिको और कनाडा जैसे देशों में हालात देख रहे हैं, और भारत के दूसरे राज्यों में भी बड़ी रिकवरी की खबरें हैं. लेकिन कोई भी राज्य या देश पंजाब की तरह योजनाबद्ध तरीके से यह लड़ाई नहीं लड़ रहा.
पिछले एक साल के आधिकारिक आंकड़े सांझा करते हुए, बलतेज पन्नू ने कहा, “एक साल में 36,178 एफआरआई दर्ज की गई हैं और 51,648 गिरफ्तारियां हुई हैं. 16.70 करोड़ रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है. बड़ी बरामदगी में 2,276.98 किलोग्राम हेरोइन, 29,299 किलोग्राम पोस्त, 686 किलोग्राम अफीम, 807.96 किलोग्राम गांजा, 36.47 किलोग्राम आईस, 68 किलोग्राम चरस और 4.46 किलोग्राम कोकीन के साथ-साथ 50 हजार गोलियां/कैप्सूल और 1,985 इंजेक्शन शामिल हैं. पंजाब ने देश में सबसे बड़ी रिकवरी दर्ज की है.
उन्होंने कहा कि यह मुहिम लंबी तैयारी के बाद इस समझ के साथ शुरू की गई थी कि लोगों से सीधे जुड़ी कोई भी लड़ाई जनता की भागीदारी के बिना सफल नहीं हो सकती. बलतेज पन्नू ने कहा कि नशा मुक्ति मोर्चा के तहत पंजाब को पांच जोन में बांटा गया था: दोआबा, माझा, मालवा ईस्ट, मालवा वेस्ट और मालवा सेंट्रल. हमने जिले और हलका लेवल के स्ट्रक्चर बनाए गए. पूरे पंजाब में विलेज डिफेंस कमेटियां बनाई गईं और मोगा के पास किल्ली चहल में लाखों लोग इकट्ठा हुए.
जवाबदेही प्रणाली के बारे में बताते हुए, बलतेज पन्नू ने कहा कि ग्राम रक्षक कमेटी के सदस्यों को नशा तस्करों की सीधी रिपोर्ट पुलिस हैडक्वार्टर को देने के लिए एक सुरक्षित ऐप दी गई है, और 48 घंटों के अंदर कार्वाई करनी जरूरी है. पूरी जांच के बाद, 2,000 से ज़्यादा शिकायतों के आधार पर एफआईआर और गिरफ्तारियां हुईं हैं.
उन्होंने आगे कहा कि नशा छुड़ाओं केंद्रों के ढांचे में भी बड़ा बदलाव किया गया है. पन्नू ने कहा कि पिछली सरकारों के दौरान, ये केंद्र जेल जैसी जगहों की तरह काम करते थे. आज, ये साफ-सुथरी और सहयोगी जगहें हैं. हमने प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल काम, फास्ट फूड और दूसरे ट्रेड में स्किल ट्रेनिंग शुरू की है. आईटीआई इंस्ट्रक्टर और प्राइवेट कंपनियां रिहैबिलिटेशन और नौकरी में मदद कर रही हैं, ताकि जो लोग नशा छोड़कर वापस आए हैं, वे इज्ज़त के साथ समाज में वापस आ सकें.
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए, बलतेज पन्नू ने कहा कि 2007-2017 की अकाली-भाजपा सरकार में पंजाब में नशा तस्करों ने गहरी जड़ें जमा लीं. उस दशक में राजनीतिक संरक्षण और जानबूझकर अनदेखी के कारण, नशे के नेटवर्क योजनाबद्ध तरीके से फैल गया. उन्होंने कहा कि इसके बाद 2017-2022 की कांग्रेस सरकार भी बड़े-बड़े वादे करने के बावजूद इस गठजोड़ को तोड़ने में नाकाम रही. कैप्टन अमरिंदर सिंह ने गुटका साहिब हाथ में लेकर कुछ ही हफ्तों में ड्रग्स खत्म करने की कसम खाई थी, लेकिन नतीजे देने के बजाय, वह चुप्पी साध गए और कुछ नहीं किया.
बलतेज पन्नू ने कहा कि पांच साल तक कांग्रेस ने न तो सप्लाई चेन तोड़ी और न ही मास्टरमाइंड को जवाबदेह ठहराया, जिससे पंजाब एक अंधेरी खाई में फंसा रहा. इसके उलट, मान सरकार ने नशा माफिया के खिलाफ निर्णायक और लगातार कार्रवाई करने की इच्छाशक्ति दिखाई है.
उन्होंने दावा किया कि सप्लाई लाइनें काफी हद तक तोड़ दी गई हैं. बलतेज पन्नू ने कहा कि कई तस्कर पंजाब छोड़कर भाग गए हैं और अपने घरों में ताला लगा लिया है. हमने इन बंद घरों के वीडियो मीडिया को दिखाए हैं. ये बंद घर सख्त पुलिसिंग का सबूत हैं. यह कार्रवाई कमजोर नहीं होगी.
बलतेज पन्नू ने कहा कि पंजाब को 20 साल से ज़्यादा समय तक अंधेरे गड्ढे में धकेला गया. यह सिर्फ़ हमारी लड़ाई नहीं है, यह अगली पीढ़ी के लिए है. हम रंगला पंजाब बनाएंगे और इसे ‘उड़ता पंजाब’ नहीं रहने देंगे.