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क्या मेरे बेडरूम में चमगादड़ की तरह लटके थे बाबा रामदेव? कंगना ने फिर साधा निशाना

कंगना रनौत ने बाबा रामदेव के निजी जीवन पर सवाल उठाने वाले बयान पर पलटवार किया और उनके कारोबार, पूंजीवाद तथा पतंजलि विवाद को लेकर भी तीखी टिप्पणी की.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
क्या मेरे बेडरूम में चमगादड़ की तरह लटके थे बाबा रामदेव? कंगना ने फिर साधा निशाना
Courtesy: X

बीजेपी सांसद और अभिनेत्री कंगना रनौत ने योग गुरु बाबा रामदेव के उस बयान पर तीखा पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने कंगना के बचपन, जवानी और पुराने कारनामों पर सवाल उठाए थे. एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कंगना ने तंज कसते हुए पूछा कि क्या बाबा रामदेव उनके बेडरूम में चमगादड़ की तरह लटके हुए थे, जो उन्हें उनकी निजी जिंदगी के बारे में इतना पता है.

‘उन्होंने क्या देखा?’

कंगना ने कहा, 'क्या बाबा रामदेव मेरे बेडरूम में चमगादड़ की तरह लटके हुए थे? क्या उन्होंने मुझे जवानी में देखा था? उन्होंने क्या देखा?' उन्होंने कहा कि रामदेव को स्पष्ट करना चाहिए कि उन्होंने उनके बारे में आखिर क्या देखा है. कंगना इससे पहले इंस्टाग्राम पर भी उन्हें उनकी जवानी और बेडरूम को लेकर 'डे-ड्रीम' यानी दिन में सपने न देखने की सलाह दे चुकी हैं.

सनातन और कारोबार पर निशाना

कंगना ने रामदेव के योग और आयुर्वेद से आगे बढ़कर बड़े कारोबारी साम्राज्य में उतरने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि स्वदेशी आंदोलन के शुरुआती दौर में सरकार ने उन्हें काफी प्रोत्साहन दिया, लेकिन अब उन्हें लगता है कि रामदेव पूंजीवाद की ओर बहुत आगे बढ़ गए हैं. उनके मुताबिक एक स्तर पर सनातन विचारधारा और पूंजीवाद के बीच टकराव हो सकता है.

‘स्वामी रामदेव कारोबारी बन गए’

कंगना ने कहा कि आयुर्वेद, जड़ी-बूटियों और योग से मिले प्रोत्साहन के बाद रामदेव अब बनियान और अंडरवियर जैसे उत्पादों के कारोबार तक पहुंच गए हैं. उन्होंने उन्हें “पूरी तरह कारोबारी” बताते हुए कहा कि कारोबारी बनना गलत नहीं है, लेकिन व्यक्ति को ऐसा रूप नहीं धारण करना चाहिए जो वह वास्तव में नहीं है.

‘जेनरेशन गटर’ से शुरू हुआ विवाद

दोनों के बीच विवाद कंगना की Gen Z को लेकर की गई टिप्पणी के बाद शुरू हुआ. जंतर-मंतर के विरोध-प्रदर्शनों के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने कुछ युवाओं के व्यवहार पर सवाल उठाया और उन्हें “Generation Gutter” कहा. बाद में उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका निशाना सभी युवा या प्रदर्शन में शामिल हर व्यक्ति नहीं था, बल्कि कुछ खास लोगों और महिलाओं का व्यवहार था.

रामदेव ने उठाए थे निजी सवाल

रामदेव ने कंगना की टिप्पणी का विरोध करते हुए उनकी योग्यता, बचपन, जवानी और पुराने व्यवहार को लेकर सवाल उठाए थे. उन्होंने इसे “भ्रष्ट मानसिकता” का संकेत बताया और कहा था कि उनकी राजनीतिक पार्टी को इस पर ध्यान देना चाहिए. इसके बाद कंगना ने सोशल मीडिया और इंटरव्यू में रामदेव पर लगातार निशाना साधा.

सुप्रीम कोर्ट विवाद का भी जिक्र

कंगना ने रामदेव और पतंजलि से जुड़े 2024 के सुप्रीम कोर्ट प्रकरण का भी उल्लेख किया. मामला भ्रामक विज्ञापनों और उत्पादों की औषधीय प्रभावशीलता से जुड़े दावों को लेकर था. कोर्ट की कार्यवाही के दौरान पतंजलि की ओर से भविष्य में विज्ञापन और ब्रांडिंग से जुड़े उल्लंघन नहीं करने का आश्वासन भी दर्ज हुआ था. कंगना ने इसी संदर्भ को जोड़ते हुए कहा कि रामदेव को अफवाहों और निजी अटकलों के आधार पर उनके चरित्र पर सवाल नहीं उठाने चाहिए. अब दोनों के बीच यह विवाद Gen Z की बहस से निकलकर एक-दूसरे पर निजी टिप्पणियों तक पहुंच गया है.