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India Daily

वेनेजुएला में फिर आया 4.9 तीव्रता का भूकंप, अब तक 920 लोगों की मौत; बचाव कार्य जारी

Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में शुक्रवार को 4.9 तीव्रता का नया भूकंप आया, जिससे पहले से चले आ रहे संकट में और बढ़ोतरी हुई. बुधवार को आए 7.2 और 7.5 के शक्तिशाली भूकंपों में अब तक 920 लोगों की मौत हो चुकी है और 3300 से ज्यादा घायल हैं.

Shilpa Shrivastava
वेनेजुएला में फिर आया 4.9 तीव्रता का भूकंप, अब तक 920 लोगों की मौत; बचाव कार्य जारी
Courtesy: Pinterest

Venezuela Earthquake: वेनेजुएला में भूकंप का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. शुक्रवार को एक नया भूकंप आया, जिसकी तीव्रता 4.9 थी. यह भूकंप देश के उत्तरी तट से 61 किलोमीटर दूर आया. स्थानीय लोगों ने मराके और राजधानी काराकस में इसकी तेज झटके महसूस किए. यह भूकंप बुधवार को आए दो बड़े भूकंपों के महज कुछ दिन बाद आया है. 

बता दें कि बुधवार को 7.2 और 7.5 तीव्रता के दो शक्तिशाली भूकंप आए थे, जिनसे पूरे देश में भारी तबाही हुई थी. अब तक कुल 920 लोगों की मौत हो चुकी है और 3300 से ज्यादा लोग घायल हैं.

लोग खुद कर रहे हैं बचाव कार्य:

भूकंप के बाद बचाव कार्य में भारी कमी देखी जा रही है. कई इलाकों में सरकारी टीमों की कमी के कारण स्थानीय लोग खुद मलबे में अपने परिजनों को ढूंढ रहे हैं. कई परिवारों में मलबे के नीचे दबे अपने अपनों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.  मौत का आंकड़ा बढ़ने के साथ बचाव का समय भी कम हो रहा है. विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप के 48 से 72 घंटे के अंदर ही जिंदा लोगों को बचाने की सबसे ज्यादा उम्मीद होती है. अब 48 घंटे बीत चुके हैं, इसलिए समय बहुत कम बचा है.

अंतरराष्ट्रीय मदद हुई तेज:

इस मुश्किल घड़ी में दुनिया भर से मदद पहुंच रही है. 24 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय बचाव टीमें वेनेजुएला पहुंच चुकी हैं या जल्द पहुंचने वाली हैं. ये टीमें मलबे में फंसे लोगों को निकालने में मदद कर रही हैं. सरकार का दावा है कि वह पूरी कोशिश कर रही है.  कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि ला ग्वायरा इलाके में खाने-पीने का सामान बांटा जा रहा है और मदद पहुंच रही है.

उन्होंने इलाके में सुरक्षा बढ़ाने के लिए सैनिकों को तैनात करने की घोषणा भी की. लेकिन स्थानीय लोग सरकार की मदद से संतुष्ट नहीं हैं. उनका कहना है कि जो मदद पहुंच रही है, वह बहुत कम है. जरूरत के मुताबिक राहत सामग्री और बचाव टीमें अभी भी कम हैं. सरकार और अंतरराष्ट्रीय समुदाय दोनों को मिलकर तेजी से काम करना होगा ताकि और जानें बचाई जा सकें और प्रभावित लोगों को तुरंत मदद पहुंचाई जा सके.