नई दिल्ली: बीते एक साल से पूरी दुनिया में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों से काफी हलचल मची हुई है. कभी व्यापारिक टैरिफ, तो कभी विदेशी नेताओं के खिलाफ सख्त बयान. ट्रंप की कार्यशैली ने वैश्विक राजनीति को लगातार असहज बनाए रखा है. अब एक बार फिर उन्होंने ईरान को लेकर बेहद कड़ी चेतावनी देकर अंतरराष्ट्रीय तनाव को और बढ़ा दिया है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का एक विशाल नौसैनिक बेड़ा ईरान की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है. उनके मुताबिक, यह बेड़ा पूरी तैयारी, ताकत और स्पष्ट मकसद के साथ रवाना हुआ है. इस सैन्य दल का नेतृत्व विशाल विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन कर रहा है. ट्रंप का दावा है कि यह बेड़ा उस नौसैनिक समूह से भी बड़ा है, जिसे पहले वेनेजुएला के लिए तैनात किया गया था. उनका कहना है कि अमेरिकी सेना हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है.
ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि यदि जरूरत पड़ी, तो यह बेड़ा बहुत तेजी और पूरी ताकत के साथ अपने मिशन को अंजाम देने में सक्षम है. उन्होंने उम्मीद जताई कि ईरान जल्द ही बातचीत की मेज पर आएगा और एक न्यायपूर्ण व संतुलित समझौते पर सहमति देगा. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि किसी भी तरह का समझौता परमाणु हथियारों से पूरी तरह मुक्त होना चाहिए, ताकि वह सभी पक्षों के हित में हो. उन्होंने चेतावनी दी कि समय तेजी से निकल रहा है और हालात निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुके हैं.
अमेरिकी राष्ट्रपति ने ईरान को याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने पहले भी डील करने की सलाह दी थी, लेकिन उस समय तेहरान ने इसे नजरअंदाज कर दिया. इसके बाद अमेरिका ने 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' को अंजाम दिया, जिसमें ईरान को भारी नुकसान उठाना पड़ा. ट्रंप ने दो टूक कहा कि अगर अब भी समझदारी नहीं दिखाई गई, तो अगला हमला इससे कहीं ज्यादा खतरनाक और विनाशकारी होगा. उन्होंने ईरान से अपील की कि ऐसी स्थिति दोबारा पैदा न होने दी जाए.
गौरतलब है कि अमेरिका ने पिछले साल जून में ईरान के खिलाफ बेहद गोपनीय सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ चलाया था. इस ऑपरेशन के तहत मात्र 25 मिनट के भीतर ईरान के तीन अहम परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया था. अमेरिकी वायुसेना ने फोर्डो, नतांज और इस्फाहान में स्थित परमाणु केंद्रों पर सटीक हवाई हमले किए थे. इस कार्रवाई में सात स्टील्थ बी-2 बॉम्बर विमानों का इस्तेमाल किया गया था, जिनसे दर्जनभर भारी बम गिराए गए.
इस पूरे मिशन में 125 से अधिक विमान शामिल थे और दुश्मन को भ्रमित करने के लिए विशेष रणनीति अपनाई गई थी. सैन्य विशेषज्ञों के मुताबिक, यह ऑपरेशन अमेरिकी सेना की सबसे तेज और प्रभावशाली कार्रवाइयों में से एक माना गया. अब ट्रंप के ताजा बयान से साफ है कि अमेरिका ईरान पर दबाव बनाए रखने के मूड में है और आने वाले समय में हालात और गंभीर हो सकते हैं.